तपस्या करना शूरवीरों का काम है : अमृत मुनि

53
अमृत मुनि
अमृत मुनि

अभिषेक बोहरा ने लिया 11 उपवास का प्रत्याख्यान, निकाला वरघोड़ा

जैतारण। अलवार पेट ललवानी हाउस भावा रोड़ में चातुर्मासार्थ विराजमान श्रमण संघीय उपप्रवर्तक अमृतमुनि जी म सा ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि चारों गतियों में तपस्या सिर्फ मनुष्य गति में की जा सकती है। तप का अर्थ है इच्छाओं का निरोध करना, तप की महिमा अपरंपार है। मुक्ति जब भी मिलेगी तपस्या से ही मिलेगी। तप के पीछे जैनियों का रहस्य छुपा है। जो हमारे एक-एक विकारों को दूर कर दे वही है तपस्या। जैसे वृक्ष की शोभा पत्तों से नहीं फलों से होती है। मंदिर की शोभा पत्थरों से नहीं मूर्ति से होती है।

मनुष्य की शोभा शृंगार से नहीं तपस्या से

अमृत मुनि
अमृत मुनि

उन्होंने कहा कि मकान की शोभा दरवाजे से नहीं मनुष्य से होती है उसी प्रकार मनुष्य की शोभा शृंगार से नहीं तपस्या से होती है। बिना लक्ष्य का तप भौतिक संपदा दे सकता है पर आत्मिक संपदा नहीं दे सकता। जिस प्रकार सोना खूब तपने के बाद ही खरा सोना बनता है उसी तरह हम अपने जीवन में श्रद्धा के साथ तप, ध्यान, मंत्र जप, सामायिक, प्रतिक्रमण, भावना, शास्त्र अध्ययन करते हुए दूसरों की सेवा दान इत्यादि तप कर अपने जीवन की सार्थकता को सिद्ध कर सकते हैं। तप नाम यद्यपि कुछ भयावह प्रतीत होता है, परंतु वास्तव में ऐसा नहीं है, यदि अंतरंग वीतरागता व साम्यता की रक्षा व वृद्धि के लिए किया जाये तो तप एक महान् धर्म सिद्ध होता है, क्योंकि वह दु:खदायक न होकर आनंद प्रदायक होता है।

बालयोगी अखिलेश मुनि एवं डॉक्टर वरुण मुनि ने कहा कि जो तपस्या नहीं कर सकते अगर वे भी तप करने वालो की अनुमोदना करे उनकी सेवा करें तो उनके भी कर्म कट सकते हैं। धर्म सभा के अंदर अभिषेक बोहरा सुपुत्र अशोक बोहरा ने 11 उपवास का प्रत्याख्यान ग्रहण किया वही उच्चब राज गौतमचंद ललवानी परिवार द्वारा स्वागत किया गया एवं गौतम प्रसादी का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में कुसुम लुनिया पोरुर ने भी 10 उपवास का प्रत्याख्यान लिया।

तपस्या प्रत्याख्यान के सुंदर मौके पर वृद्धि कंवर बोहरा, प्रदीप राजेन्द्र, अशोक, श्रेणिक, नवीन बोहरा परिवार द्वारा संघ लाया गया एवं तपस्वी का जुलूस निकाला गया। इस मौके पर रतनलाल सिसोदिया, राधेश्याम दाधीच जैतारण पारसमल नाहर, ललित कोठारी सरदार मल गुलेच्छा, ललित ललवानी, कमल ललवानी, जसराज कोठारी, महावीर डूंगरवाल आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढें़ : नाबालिग से मिलने आता था शादीशुदा मुख्तार, गांव वालों ने काट दिए बाल