हर कमेंट को दिल पर न लें, खुद को आपसे बेहतर कोई नहीं जानता: अद्रिजा रॉय
टीवी अभिनेत्री अद्रिजा रॉय ने वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे से पहले मानसिक स्वास्थ्य और आज की व्यस्त जिंदगी से जुड़े दबाव पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हर किसी को खुश रखना संभव नहीं है, इसलिए अपनी भावनाओं को समझना, जरूरत पड़ने पर ब्रेक लेना, सीमाएं तय करना और सोशल मीडिया की तुलना से खुद को दूर रखना मानसिक शांति के लिए जरूरी है।
- अद्रिजा रॉय: बोलीं, हर कमेंट को दिल पर लेने की जरूरत नहीं।
- मानसिक स्वास्थ्य: जरूरत पड़ने पर ब्रेक लेना कमजोरी नहीं है।
- सोशल मीडिया: दूसरों की परफेक्ट जिंदगी से अपनी तुलना न करें।
Adrija Roy on Mental Health and Self-Care: मुंबई में टीवी अभिनेत्री अद्रिजा रॉय ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपनी सोच साझा की है। ‘अनुपमा’ में राही का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री ने वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे से पहले आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग अक्सर अपनी मानसिक शांति को नजरअंदाज कर देते हैं।
अद्रिजा के मुताबिक, मानसिक रूप से परेशान होने पर भी कई लोग दूसरों के सामने सामान्य नजर आने की कोशिश करते हैं। उन्हें डर रहता है कि अपनी परेशानी स्वीकार करने पर लोग उन्हें जज कर सकते हैं। अभिनेत्री का मानना है कि अपनी भावनाओं को छिपाने के बजाय उन्हें स्वीकार करना जरूरी है, क्योंकि बेहतर महसूस करने की शुरुआत कई बार इसी कदम से होती है।
हर राय को खुद पर हावी न होने दें
पब्लिक लाइफ में कलाकारों को लगातार लोगों की राय और टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। इस बारे में अद्रिजा ने कहा कि हर कमेंट को गंभीरता से लेकर दिल पर लगाने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की आपके बारे में अलग राय हो सकती है, लेकिन आपको खुद से बेहतर कोई नहीं जानता। इसलिए वह अपना ध्यान उन लोगों और चीजों पर रखने की कोशिश करती हैं, जो वास्तव में उनके लिए मायने रखते हैं। उनके मुताबिक, दूसरों की राय को अपनी मानसिक शांति पर हावी होने देना सही नहीं है।
लगातार काम करना ही मजबूती नहीं
अद्रिजा ने काम के दबाव पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब शरीर और दिमाग इस हद तक थक जाएं कि हर काम बोझ जैसा महसूस होने लगे, तब रुकना जरूरी है।
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अभिनेत्री के अनुसार, कुछ समय का ब्रेक लेना आलस नहीं बल्कि खुद को संभालने का तरीका है। उनका मानना है कि इंसान को कभी-कभी अपनी रफ्तार धीमी करनी चाहिए, ताकि वह आराम के बाद नई ऊर्जा के साथ काम पर लौट सके। लगातार काम करते रहना ही मजबूती की निशानी है, ऐसा मानना सही नहीं है।
‘नहीं’ कहना भी जरूरी
दूसरों की उम्मीदों को लेकर अद्रिजा ने कहा कि हर व्यक्ति को हर समय खुश रखना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि समय के साथ उन्होंने अपनी सीमाएं तय करना और जरूरत पड़ने पर ‘नहीं’ कहना सीखा है।
अभिनेत्री ने माना कि शुरुआत में ऐसा करना आसान नहीं था, लेकिन बाद में समझ आया कि अपनी मानसिक शांति की रक्षा करना स्वार्थ नहीं है। उनके मुताबिक, अपनी जरूरतों और भावनाओं को महत्व देना भी आत्म-देखभाल का हिस्सा है।
सोशल मीडिया की चमक से न करें तुलना
सोशल मीडिया पर दूसरों की जिंदगी देखकर खुद की तुलना करने की आदत को लेकर भी अद्रिजा ने सावधान किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग आमतौर पर अपनी जिंदगी का वही हिस्सा दिखाते हैं, जिसे वे दूसरों के सामने रखना चाहते हैं।
ऐसे में किसी की खूबसूरत तस्वीरों या परफेक्ट नजर आने वाली जिंदगी से अपनी तुलना करना उचित नहीं है। अद्रिजा के मुताबिक, वास्तविक जिंदगी, अपने करीबी लोगों और खुद के साथ जुड़ाव बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि जिंदगी का हर दौर बदलता है। मुश्किल समय में हर सवाल का जवाब तुरंत मिलना जरूरी नहीं, लेकिन उस वक्त खुद पर भरोसा रखना और खुद को समय देना जरूरी है। उनके मुताबिक, कोई भी परेशानी हमेशा नहीं रहती और समय के साथ परिस्थितियां बदल सकती हैं।



