कैटरीना के समर्थन में उतरीं खुशबू सुंदर, ट्रोलिंग पर उठाए सवाल
कैटरीना कैफ के हालिया लुक को लेकर सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग के बीच अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ खुशबू सुंदर ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने महिलाओं के शरीर, उम्र और मातृत्व को लेकर समाज की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी महिला को अपने बदलते रूप के लिए सफाई देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
- कैटरीना कैफ के बदलते लुक को लेकर सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग पर खुशबू सुंदर ने प्रतिक्रिया दी।
- महिलाओं के शरीर और उम्र को लेकर समाज के दोहरे रवैये पर उन्होंने सवाल उठाया।
- मातृत्व के बाद शरीर में बदलाव को सामान्य बताते हुए उन्होंने कैटरीना से आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने की बात कही।
Khushbu Sundar Supports Katrina Amid Trolling : खुशबू सुंदर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलाव आखिर इतनी आसानी से सार्वजनिक चर्चा का विषय क्यों बन जाते हैं। उन्होंने पुरुषों और महिलाओं के लिए बनाए गए अलग-अलग सामाजिक पैमानों की ओर ध्यान दिलाया।
उनके मुताबिक, पुरुषों के बाल सफेद होने पर इसे अक्सर उम्र और अनुभव से जोड़कर देखा जाता है। इसी तरह बढ़ते वजन या गंजेपन को भी कई बार व्यक्तित्व का हिस्सा मान लिया जाता है। लेकिन महिलाओं के मामले में उम्र बढ़ने के साथ चेहरे की झुर्रियों, वजन और बालों में बदलाव तक पर टिप्पणियां शुरू हो जाती हैं।
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कैटरीना कैफ हाल ही में सार्वजनिक तौर पर नजर आई थीं, जिसके बाद उनके शरीर में आए बदलावों को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने टिप्पणियां कीं। कैटरीना ने इस ट्रोलिंग पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उनके प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने उनका समर्थन किया।
इसी बीच खुशबू ने कैटरीना का साथ देते हुए कहा कि किसी महिला की खूबसूरती को केवल उसके जवानी के दिनों से जोड़कर देखना सही सोच नहीं है। उन्होंने कैटरीना को याद दिलाया कि उन्हें अपने शरीर, मातृत्व, वजन या लुक को लेकर किसी के सामने जवाब देने की जरूरत नहीं है।
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खुशबू सुंदर ने इस मुद्दे को सिर्फ कैटरीना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वजन बढ़ने के दौरान उन्हें लोगों की टिप्पणियों और मजाक का सामना करना पड़ा। वहीं, जब उन्होंने वजन कम किया तो कुछ लोगों ने उनके बारे में तरह-तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिए।
उन्होंने इस अनुभव के जरिए बताया कि महिलाओं के शरीर को लेकर लोगों की राय किस तरह लगातार बदलती रहती है। उनका कहना है कि महिला चाहे जैसी दिखे, समाज का एक वर्ग उसके रूप पर टिप्पणी करने का कोई न कोई कारण खोज लेता है।



