गुरु पूर्णिमा आज : सन्नाटे में हुई दानघाटी की मंगला अभिषेक आरती

7

जयपुर। आज गुरु पूर्णिमा है और आज ही के दिन हर साल गिरिराजजी की सात कोसीय तलहटी समेत संपूर्ण बृज मंडल गिरिराजजी के गगनभेदी जयकारों से गूंजता था। रविवार को तलहटी में सन्नाटा तो पसरा ही था- मंदिरों से रौनक भी गायब रही। हर वर्ष गुरू पूर्णिमा की सुबह श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के बीच खचाखच भरी तलहटी और दूधिया रोशनी से जगमगाते मंदिरों में ठसाठस भरे श्रद्धालुओं के बीच प्रमुख गिरिराज मंदिरों में मंगला अभिषेक आरती होती थी। कोरोना संक्रमणकाल में वह रौनक भी गिरिराज तलहटी सहित प्रमुख गिरिराज मंदिरों से नदारद रही। तीनों प्रमुख गिरिराज मंदिरों पर प्रतिदिन की तरह सामान्य रूप से ही मंगला अभिषेक और आरती हुई।

अभिषेक के बाद किया शृंगार

गुरु पूर्णिमा के दिन गोवर्धन के प्रमुख गिरिराज दानघाटी मंदिर की मंगला अभिषेक आरती के लिए तड़के 4:00 बजे मंदिर खुला। मंदिर में सेवायत पुजारियों ने गिरिराजजी की शिला को पहले गंगाजल से स्नान करवाया। फिर दूध, दही, घी, शहद, बूरा आदि से अभिषेक कर चंदन और इत्र इत्यादि लगाकर ओढनी ओढाकर गिरिराजजी को पुरातन स्वरूप प्रदान किया।

नहीं सुनाई दी घंटों-घडिय़ालों की सुरताल

इसके बाद गिरिराजजी को दर्पण दिखाकर उनके स्वरूप को निहारा। फिर बेसन लड्डू का भोग लगाकर मंगला आरती की गई। केवल घंटी की ध्वनि के साथ हुई मंगला आरती में घंटों-घडिय़ालों की सुरताल भी नहीं हो पाई। पुजारी मुकुट शर्मा ने बताया कि दो किलो दही, पांच किलो दूध, घी, शहद, बूरा व इक्यावन लीटर गंगाजल से अभिषेक कराया गया है। संक्रमण के चलते मेला निरस्त होने से श्रद्धालु तथा दर्शनार्थियों की भीड़ नहीं है अन्यथा आज के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते मंगला करना भी मुश्किल हो जाता था। उन्होंने कहा- सभी लोग घरों में गिरिराज पूजाकर सुरक्षित रहें और देश तथा देशवासियो को सुरक्षित रखने की प्रार्थना करें। जिला प्रशासन द्वारा पांच दिवसीय राजकीय मुडिया पूर्णिमा मेला निरस्त करते हुए मंदिरों सहित परिक्रमा मार्ग पर पुलिस बल तैनात कर दिया था।