वैश्विक मंदी की आशंका से भारत अलग

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वैश्विक मंदी
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रोजगार में मजबूत वृद्धि की संभावना

व्यापार सेवा प्रदाता कंपनी क्वेस कॉर्प के संस्थापक और गैर-कार्यकारी अध्यक्ष अजीत आइजेक ने कहा है कि भारत दुनिया के बाकी हिस्सों की मंदी की संभावना से काफी हद तक अलग हो गया है। मौजूदा भर्ती के रुझान से संकेत मिलता है कि देश में कुछ वर्षों में एक मजबूत रोजगार वृद्धि दर देखने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में मंदी की आशंकाओं के बीच भारत बेहतर कर रहा है। ऐसे में यहां मंदी का खतरा कम दिखता है। हम भारत का विकास होता देखते रहेंगे।

नहीं रुकेगा भारत का विकास

वैश्विक मंदी
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भले ही भारत का विकास दर आठ प्रतिशत प्रतिशत से कम हो, पर विकास जारी रहेगा। हमने वर्ष 2000 से वर्ष 2007 के बीच देश में रोजगार में बहुत अच्छी वृद्धि देखी थी। देश की जीडीपी जो वर्ष 2000 में 470 बिलियन डॉलर थी वह वर्ष 2007 में 1.4 ट्रिलियन डॉलर हो गई। हम यह उपलब्धि एक बार फिर हासिल कर सकते हैं अगर विकास के जो ट्रेंड हम देख रहे हैं, वह जारी रहें। आइजेक बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। क्वेस कॉर्प ने अपने मानव संसाधन सेवा पोर्टफोलियो को मजबूत करने के उद्देश्य से एक रणनीतिक निवेश के रूप में 2018 में मॉन्स्टर वल्र्डवाइड के एपीएसी और एमई व्यवसायों का अधिग्रहण किया था। यह कंपनी भारत, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, हांगकांग, वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में काम कर रही है।

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