जेल से अस्पताल पहुंचे इमरान खान, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इलाज शुरू
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रावलपिंडी की आदियाला जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी जांच कर आगे के इलाज और अस्पताल में भर्ती करने पर फैसला करेगी। इमरान अगस्त 2023 से विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं।
- इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जेल से शिफा अस्पताल पहुंचाया गया।
- इलाज और मेडिकल जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का विशेष दल करेगा फैसला।
- आदियाला जेल से अस्पताल तक कड़ी सुरक्षा, शिफा के बाहर भी भारी पुलिस बल तैनात।
Imran Khan Shifted to Islamabad Hospital for Treatment: इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को इलाज और विस्तृत मेडिकल जांच के लिए रावलपिंडी की आदियाला जेल से इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया। यह कार्रवाई पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद की गई।
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामलों में कानूनी कार्रवाई चल रही है। अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया था कि उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अस्पताल पहुंचाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराई जाए।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों का विशेष दल इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करेगा। उनकी जांच के आधार पर यह फैसला किया जाएगा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती रखने की जरूरत है या आगे किस प्रकार का उपचार किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान के इलाज और जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने के भी निर्देश दिए हैं। अदालत के आदेश के अनुसार, मेडिकल जांच और उपचार के दौरान डॉ. उजमा और इमरान खान के निजी चिकित्सक की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाएगी। इलाज से जुड़े खर्च का वहन उनके परिवार द्वारा किया जाएगा।
इमरान खान को जेल से अस्पताल ले जाने से पहले और अस्पताल पहुंचने के बाद सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
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इस बीच पीटीआई की ओर से यह भी कहा गया कि मेडिकल जांच के बाद यदि डॉक्टरों की राय में इमरान खान को वापस जेल भेजना स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं पाया जाता है, तो उनके आगे के ठहरने को लेकर अन्य विकल्पों पर विचार हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला उनकी मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
इमरान खान अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद प्रधानमंत्री पद से हटाए गए थे। इसके बाद से वह कई कानूनी मामलों और राजनीतिक विवादों के केंद्र में रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनका जेल से अस्पताल पहुंचना पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।



