ईरान-अमेरिका तनाव में फिर बढ़ी हलचल
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। ईरान ने अमेरिकी हमलों में 18 लोगों की मौत और 108 के घायल होने की जानकारी दी है। इसके बाद तेहरान ने कई देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने और संयम बरतने की अपील की है।
- ईरान-अमेरिका संघर्ष में ईरान ने 18 मौतों और 108 लोगों के घायल होने की जानकारी दी।
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।
- संयुक्त राष्ट्र ने बढ़ते तनाव के बीच संयम और सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की।
Iran-US Conflict Escalates Again: तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद रेजा जफरगांदी के बयान के हवाले से बताया गया कि अमेरिकी हमलों में 18 लोगों की मौत हुई, जबकि 108 लोग घायल हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी हमलों में नागरिक इलाकों और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े ढांचों को भी निशाना बनाया गया, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ। ईरान ने अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए जवाब देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उसकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों की एक श्रृंखला पूरी की। अमेरिका के मुताबिक, यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कथित गतिविधियों के जवाब में की गई। इसके बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कई अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया। ईरानी पक्ष के अनुसार, जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी ठिकानों तथा संसाधनों को निशाना बनाया गया।
आईआरजीसी ने दावा किया कि कुवैत के अली अल-सलेम अमेरिकी बेस में अमेरिकी कमांडर के आवास और कमांड पोस्ट को निशाना बनाया गया। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी ने इसे अपने अभियान का हिस्सा बताया और कहा कि वह क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है।ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, आईआरजीसी ने जॉर्डन में अकाबा की खाड़ी के पास स्थित कैंप टिटियन पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का भी दावा किया। ईरानी पक्ष ने इसे सिरिक में एक शादी समारोह पर हुए कथित अमेरिकी हमले की प्रतिक्रिया बताया। हालांकि, इन दावों में बताए गए नुकसान और हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं थी। आईआरजीसी ने इराक के एरबिल में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर भी कार्रवाई का दावा किया। उसके मुताबिक, एक सर्विलांस बैलून की नियंत्रण प्रणाली के साथ-साथ रखरखाव केंद्र और तकनीकी उपकरणों के गोदामों को निशाना बनाया गया। ईरानी पक्ष ने अमेरिकी कर्मियों के मारे जाने और ईंधन भंडारण सुविधाओं में आग लगने का दावा भी किया है।
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बढ़ते सैन्य टकराव के बीच संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच रातभर हुए नए हमलों और जवाबी हमलों से बेहद चिंतित हैं। आम नागरिकों के हताहत होने की खबरों, खासकर ईरान में कथित तौर पर शादी समारोह को निशाना बनाए जाने की घटना को लेकर भी उन्होंने चिंता जाहिर की। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील की है। इसमें नागरिकों और सैन्य ठिकानों के बीच अंतर बनाए रखना, सैन्य कार्रवाई में संतुलन रखना और आम लोगों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी सावधानी बरतना शामिल है। गुटेरेस ने एक बार फिर तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। साथ ही उन्होंने ऐसे बयानों और कदमों से बचने को कहा है, जो पहले से तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं।



