नेपाल में बाढ़ का कहर, 1,365 लोगों की मौत; 4,077 लापता
नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अब तक 1,365 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4,077 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और हजारों पुलिसकर्मी प्रभावित इलाकों में खोज अभियान चला रहे हैं।
- नेपाल बाढ़ में अब तक 1,365 लोगों की मौत।
- 4,077 लोग लापता, तलाश के लिए अभियान जारी।
- 3,030 विस्थापित लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं।
Nepal Flood: 1,365 Dead, 4,077 Missing : नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के कारण अब तक 1,365 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4,077 लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित इलाकों से विस्थापित 3,030 लोगों को अलग-अलग जिलों में बनाए गए अस्थायी होल्डिंग सेंटरों में रखा गया है।
बाढ़ के बाद शवों की बरामदगी और उनकी पहचान का काम भी तेजी से चल रहा है। अधिकारियों ने अब तक 1,147 शवों को दफनाया है। इससे पहले फॉरेंसिक टीमों ने मृतकों की पहचान में मदद के लिए डीएनए नमूने जुटाए हैं।
यह भी पढ़ें : बैलन डी’ओर 2026 की रेस में मेसी-एमबापे समेत 30 सितारे
अधिकारियों के अनुसार, अब तक कुल 2,698 डीएनए नमूने लिए जा चुके हैं। इनमें 1,286 नमूने पीड़ितों के, जबकि 1,412 उनके परिजनों के हैं। इसके अलावा 1,310 अज्ञात शवों से जुड़ी जानकारी नेपाल पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक की गई है, ताकि उनकी पहचान में मदद मिल सके।
सबसे ज्यादा शव चितवन जिले में बरामद हुए हैं, जहां यह संख्या 363 है। पूर्वी नवलपरासी में 226, पश्चिमी नवलपरासी में 222, नुवाकोट में 197 और रसुवा में 174 शव मिले हैं। इसके अलावा गोरखा में 75, धादिङ में 70 और तनहुँ में 38 शव बरामद किए गए हैं।
यह भी पढ़ें : बॉक्स ऑफिस पर ‘मिर्जापुर द मूवी’ का जलवा, ‘हनुमान अंश’ दे रही कड़ी टक्कर
प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है। लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ शवों को खोजने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। इस अभियान में कुल 7,975 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
प्रशासन का मुख्य फोकस अब लापता लोगों तक पहुंचने, मृतकों की पहचान पूरी करने और विस्थापित परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए अस्थायी केंद्रों में राहत व्यवस्था भी जारी रखी गई है।



