नेपाल में बाढ़-भूस्खलन की तबाही, 675 शव बरामद

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 675 लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 2,498 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने राहत अभियान तेज करते हुए 11 टन अतिरिक्त सामग्री और विशेषज्ञ टीमों के साथ वायुसेना का चौथा विमान नेपाल भेजा है।

  • नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद 675 शव बरामद हुए।
  • 2,498 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
  • भारत ने राहत सहायता की चौथी उड़ान से 11 टन सामग्री भेजी।

Nepal Flood Crisis: 675 Bodies Recovered, 2,498 Missing: काठमांडू। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से अब तक 675 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,498 लोगों का अभी कोई पता नहीं चल सका है।

भोटेकोसी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। आपदा की चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, वहीं जलविद्युत परियोजनाओं, सड़कों, पुलों और दूसरी जरूरी बुनियादी सुविधाओं को भी व्यापक क्षति पहुंची है।

आपदा के बीच पर्यटन विभाग ने भी पर्यटकों को लेकर चिंता जताई है। नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत आने वाले विभाग के अनुसार, शनिवार शाम 5:30 बजे तक 753 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो सका था। इनमें 589 विदेशी नागरिक शामिल बताए गए हैं।

स्थिति को देखते हुए काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के प्रभावित लोगों के लिए मदद की अपील की है। शनिवार को जारी आपात सूचना में विभिन्न संगठनों, संस्थानों, कंपनियों और आम नागरिकों से राहत सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

उधर, भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए अपनी सहायता और बढ़ा दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान से 11 टन अतिरिक्त राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल के लिए रवाना की गई है।

इस खेप में खोज और बचाव अभियान के लिए सुरंग विशेषज्ञों की तकनीकी टीम तथा जरूरी उपकरण भेजे गए हैं। इसके साथ ही डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और संबंधित उपकरण भी भेजे गए हैं। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट शामिल हैं।

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भारत की मदद केवल हवाई राहत सामग्री तक सीमित नहीं है। 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण से जुड़े उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी सामान भी भेजा जाएगा। पुलों के निर्माण और स्थापना में मदद के लिए तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी।

भारत अब तक 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू भेज चुका है। इसमें जरूरी दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। इससे पहले बुधवार को भी भारतीय वायुसेना का सी-130जे हरक्यूलिस विमान करीब 10 टन आपात राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा था।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि नेपाल के राहत और बचाव अभियान में भारत का सहयोग लगातार जारी रहेगा। मौजूदा हालात में राहत सामग्री, तकनीकी विशेषज्ञों और जरूरी बुनियादी ढांचे की मदद से प्रभावित इलाकों तक सहायता पहुंचाने की कोशिश तेज की जा रही है।

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