कैलाश मानसरोवर यात्रा में 250 से ज्यादा तीर्थयात्री लापता

नेपाल में बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर और गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए 250 से अधिक तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। इनमें बड़ी संख्या भारतीय श्रद्धालुओं की बताई जा रही है। प्रशासन यात्रियों की सही संख्या और स्थिति की जानकारी जुटा रहा है, जबकि काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और सुरक्षित वापसी के प्रयासों में जुटा है।

  • कैलाश मानसरोवर: 250 से अधिक तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं हो पाया।
  • गोसाईंकुंड: बाढ़ से प्रभावित मार्गों पर यात्रियों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
  • भारतीय श्रद्धालु: काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर रहा है।

Over 250 Pilgrims Missing Contact Amid Nepal Floods : नेपाल में बाढ़ के कारण कैलाश मानसरोवर और गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए 250 से अधिक तीर्थयात्रियों के संपर्क में नहीं होने से चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि इनमें अधिकांश भारतीय श्रद्धालु हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रभावित इलाकों में कुल कितने यात्री मौजूद थे।

नेपाल पर्यटन विभाग के पर्यटक पुलिस के डीएसपी विश्वराज अधिकारी के मुताबिक, इस समय बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु मानसरोवर यात्रा पर जाते हैं। बाढ़ के चलते कई इलाकों में संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे यात्रियों से संपर्क करने में मुश्किल आ रही है।

यह भी पढ़ें : अंडर-17 महिला टीम को मिला नया कोचिंग सपोर्ट

प्रशासन अब संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित मार्गों पर मौजूद यात्रियों का विवरण जुटा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता यात्रियों की लोकेशन का पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। इसके साथ ही संभावित राहत एवं बचाव अभियान के लिए भी समन्वय किया जा रहा है।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव नेपाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और भारतीय श्रद्धालुओं की स्थिति को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं। नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग और विदेश मंत्री शिशिर खनाल के साथ भी इस संबंध में बातचीत जारी है।

यह भी पढ़ें : नेपाल में बाढ़ का तांडव, 500 से ज्यादा कंटेनर बहे

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती दूरदराज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे यात्रियों तक पहुंच और उनसे संपर्क स्थापित करना है। प्रशासन को उम्मीद है कि स्थिति की स्पष्ट तस्वीर यात्रियों का पूरा विवरण मिलने और संचार व्यवस्था बहाल होने के बाद सामने आएगी।

Related Articles

Back to top button