मेलबर्न में पीएम मोदी का बड़ा संदेश, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज का किया जिक्र
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की रक्षा क्षमता, तकनीकी प्रगति, अंतरिक्ष उपलब्धियों और भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी पर विस्तार से बात की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के रिश्तों की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
- मेलबर्न में पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर और भारत की रक्षा क्षमता का किया उल्लेख।
- भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मजबूत बनाने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका को सराहा।
- मेलबर्न मीट्स मोदी कार्यक्रम में भारत की तकनीकी, अंतरिक्ष और आर्थिक प्रगति पर रखा पक्ष।
PM Modi’s major message in Melbourne : ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की वैश्विक भूमिका, रक्षा क्षमता और विकास यात्रा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की ताकत, तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता को नए नजरिए से देख रही है।
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अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की रक्षा प्रणाली की क्षमता और भरोसेमंद प्रदर्शन को दुनिया ने देखा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई केवल सीमित क्षेत्र तक नहीं रहती, बल्कि उसका संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश तेजी से दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। चंद्रयान मिशन की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के बाद भारत अब गगनयान मिशन और अपने स्पेस स्टेशन के लक्ष्य की ओर भी तेजी से काम कर रहा है।
डिजिटल क्षेत्र की उपलब्धियों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि देश में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और इसकी पहुंच अधिकांश आबादी तक हो चुकी है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, वैक्सीन मैत्री और वैश्विक संकटों के दौरान भारत द्वारा चलाए गए राहत अभियानों का भी उल्लेख किया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। विज्ञान, अंतरिक्ष, नवाचार, व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि टाटा समूह ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट के माध्यम से उपग्रह प्रक्षेपण की दिशा में कार्य कर रहा है, जो तकनीकी सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि मेलबर्न के कई क्षेत्रों को लोग ‘लिटिल इंडिया’ और ‘मिनी इंडिया’ के नाम से जानते हैं, जहां भारतीय संस्कृति और परंपराओं की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत संबंधों की सबसे बड़ी ताकत प्रवासी भारतीय समुदाय है।
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कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु का काम कर रहे हैं और दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।



