प्रम्बानन मंदिर में पीएम मोदी ने की पूजा, भारत-इंडोनेशिया मिलकर करेंगे जीर्णोद्धार
इंडोनेशिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके संरक्षण एवं जीर्णोद्धार परियोजना की शुरुआत की। मोदी ने इसे दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताते हुए कहा कि भगवान शिव से जुड़े पवित्र स्थलों की सेवा का अवसर उन्हें लगातार मिलता रहा है।
- प्रम्बानन मंदिर में पीएम मोदी ने पूजा कर संरक्षण परियोजना का शुभारंभ किया।
- पीएम मोदी बोले, भगवान शिव से जुड़े पवित्र स्थलों की सेवा का अवसर मिलता रहा है।
- भारत-इंडोनेशिया मिलकर विश्व धरोहर मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य करेंगे।
PM Modi Offers Prayers at Indonesia’s Prambanan Temple : इंडोनेशिया दौरे के तीसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान दोनों नेताओं ने मंदिर के संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना की औपचारिक शुरुआत भी की। यह प्राचीन हिंदू मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों का अहम प्रतीक माना जाता है।
पूजा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके जीवन में बार-बार भगवान शिव से जुड़े पवित्र स्थलों की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ और उज्जैन महाकाल जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण से जुड़ना भी उनके लिए सौभाग्य की बात है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रमाण भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के सहयोग से इस ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस परियोजना को भारत की एक्ट ईस्ट नीति और सांस्कृतिक कूटनीति का भी अहम हिस्सा माना जा रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) इंडोनेशियाई विशेषज्ञों के साथ मिलकर मंदिर के संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य में सहयोग करेगा। दोनों देशों ने इस संबंध में पहले ही आशय पत्र का आदान-प्रदान किया है।
दौरे के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को सुपर प्यूमा हेलीकॉप्टर से प्रम्बानन मंदिर परिसर का हवाई भ्रमण भी कराया। इसके बाद दोनों नेता सड़क मार्ग से मंदिर पहुंचे, जहां स्थानीय बच्चों ने हाथों में झंडे लेकर उनका स्वागत किया। मंदिर परिसर में रामायण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की गई, जिसे दोनों नेताओं ने देखा।
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करीब एक हजार वर्ष पुराना प्रम्बानन मंदिर ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है। इसकी भव्य वास्तुकला, पत्थरों पर उकेरी गई रामायण की कथाएं और मुख्य प्रांगण में होने वाला रामायण मंचन इसे दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहरों में शामिल करते हैं।
भारत पिछले कुछ वर्षों से एशिया के कई देशों में साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वियतनाम, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार, बहरीन और बांग्लादेश सहित कई देशों में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण में भारत तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्रदान कर चुका है।



