पुतिन-पेजेश्कियन की फोन पर अहम बातचीत
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने रूस-ईरान के रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के हालात, ईरान-अमेरिका तनाव और कूटनीतिक प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
- पुतिन-पेजेश्कियन बातचीत: रूस-ईरान रणनीतिक सहयोग मजबूत करने पर जोर।
- रूस-ईरान संबंध: व्यापक रणनीतिक साझेदारी जारी रखने की प्रतिबद्धता।
- ईरान-अमेरिका तनाव: रूस ने तनाव कम करने वाली कूटनीतिक कोशिशों के समर्थन की बात कही।
Putin, Pezeshkian Discuss Strategic Ties: रूस और ईरान के बीच रणनीतिक रिश्तों को लेकर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत हुई है। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फोन पर द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने और मौजूदा साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
बुधवार को हुई इस बातचीत में पेजेश्कियन ने कहा कि दोनों देशों को विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को न केवल जारी रखना चाहिए, बल्कि उसे और विस्तार देना चाहिए। उन्होंने इसे ईरान और रूस के साझा हितों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि क्षेत्रीय परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद रूस और ईरान के बीच व्यापक रणनीतिक सहयोग समझौते के तहत साझेदारी जारी है। उन्होंने दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों और सहयोग को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पश्चिम एशिया के तनाव पर भी चर्चा
दोनों राष्ट्राध्यक्षों की बातचीत में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका संबंधों का मुद्दा भी उठा। पुतिन ने क्षेत्र में तनाव कम करने और दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे कुछ देशों के प्रयासों का उल्लेख किया।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि मॉस्को ऐसी कूटनीतिक पहलों का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर रूस तनाव कम करने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
संघर्ष और सीजफायर का संदर्भ
इस बातचीत के बीच पश्चिम एशिया में हुए हालिया घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण हैं। दिए गए विवरण के अनुसार, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
तनाव बढ़ने के साथ ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर भी अपनी पकड़ सख्त कर दी थी। इसके बाद 8 अप्रैल को संघर्ष में शामिल पक्षों के बीच सीजफायर हुआ।
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इसके बाद 18 जून को ईरान और अमेरिका ने क्षेत्र में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत दोनों पक्षों को 60 दिनों के भीतर बातचीत आगे बढ़ानी थी। यह समयसीमा 17 अगस्त को समाप्त हो गई।
हालांकि, बढ़ते तनाव के बीच बातचीत किसी अंतिम समझौते तक पहुंचने की दिशा में पर्याप्त प्रगति नहीं कर सकी। ऐसे में पुतिन और पेजेश्कियन के बीच हुई ताजा बातचीत को रूस-ईरान रणनीतिक समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



