सऊदी अरब ने बंद की अहम तेल पाइपलाइन

सऊदी अरब ने रियाद और मदीना क्षेत्रों में हुए हमलों के बाद अपनी रणनीतिक ईस्ट-वेस्ट कच्चे तेल पाइपलाइन को एहतियातन बंद कर दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति मार्गों पर दबाव है। पाइपलाइन बंद होने और उत्पादन में गिरावट से वैश्विक कच्चे तेल बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका है।

  • ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को हमलों के बाद एहतियातन बंद किया गया।
  • सऊदी तेल उत्पादन अगस्त में घटकर करीब 62.4 लाख बैरल प्रतिदिन रहा।
  • ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची।

Saudi Arabia Shuts Oil Pipeline : रियाद और मदीना क्षेत्रों में कई हमलों के बाद सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने रणनीतिक ईस्ट-वेस्ट कच्चे तेल पाइपलाइन का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। मंत्रालय ने हमलों के लिए जिम्मेदार पक्ष की जानकारी नहीं दी है। साथ ही पाइपलाइन को हुए संभावित नुकसान का भी खुलासा नहीं किया गया है।

यह पाइपलाइन सऊदी अरब के तेल बुनियादी ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी क्षमता करीब 70 लाख बैरल प्रतिदिन बताई जाती है और यह देश के तेल क्षेत्रों को लाल सागर के निर्यात टर्मिनलों से जोड़ती है।

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फारस की खाड़ी से तेल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने वाली इस पाइपलाइन की रणनीतिक भूमिका हाल के तनाव के बीच और महत्वपूर्ण हो गई है। सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने पिछले महीने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित बंद होने के असर को कम करने में पाइपलाइन की भूमिका बेहद अहम रही है।

हालांकि, लाल सागर के रास्ते सऊदी तेल निर्यात पर भी दबाव बढ़ रहा है। यमन की ओर से सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों और समुद्री नाकेबंदी की घोषणा के बाद इस मार्ग से तेल परिवहन को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

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आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में लाल सागर के रास्ते सऊदी तेल प्रवाह में उल्लेखनीय कमी आई। पश्चिमी शहर यानबू से कच्चे तेल और कंडेनसेट की लोडिंग छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।

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