ट्रंप ने ईरान को राहत की खबर नकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज किए गए धन तक पहुंच देने की मीडिया रिपोर्ट को खारिज किया है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका को नाकेबंदी हटाने, संपत्तियां जारी करने और ईरान को तेल बेचने की अनुमति देने जैसे कदम उठाने होंगे।
- ट्रंप ने ईरान प्रतिबंधों में राहत देने की रिपोर्ट को गलत बताया।
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिकी कदमों को जरूरी बताया।
- अब्बास अराघची ने कहा कि कूटनीति या युद्ध का रास्ता चुनना अमेरिका पर निर्भर है।
Trump Denies Iran Sanctions Relief Report: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सामने आई उस मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि उनके प्रशासन ने परमाणु कार्यक्रम पर रियायतों के बदले तेहरान को प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज की गई संपत्तियों तक पहुंच देने की पेशकश की थी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में रिपोर्ट को गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने ईरान को ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया। उन्होंने रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थान से इसे तुरंत वापस लेने की मांग भी की।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने को लेकर कूटनीतिक प्रयासों की चर्चा जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने सप्ताहांत में ईरान की ओर से रखे गए युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था।
ईरान की ओर से प्रस्ताव में कथित तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत आगे बढ़ाने के बदले कुछ अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की मांग रखी गई थी। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा और समुद्री व्यापार के लिए अहम माना जाता है।
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि आगे का रास्ता अमेरिका के फैसले पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका संघर्ष रोकता है, नाकेबंदी हटाता है, ईरान की फ्रीज संपत्तियां जारी करता है और उसे तेल निर्यात करने की अनुमति देता है, तो तेहरान जलडमरूमध्य खोलने के लिए तैयार है।
अराघची ने अमेरिकी टीवी कार्यक्रम Meet the Press में कहा कि ईरान का प्रस्ताव स्पष्ट है। उनके मुताबिक, यदि अमेरिका आवश्यक कदम उठाता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की दिशा में समझौता संभव है।
उन्होंने एक सात-दिन की योजना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, शुरुआती दिनों में जरूरी कदम पूरे किए जा सकते हैं, छठे दिन जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है और उसके अगले दिन व्यापक समझौते पर बातचीत शुरू हो सकती है।
हालांकि, अराघची ने साथ ही यह भी कहा कि ईरान किसी नए हमले का सामना करने के लिए तैयार है। इस तरह दोनों पक्षों के बयानों में एक ओर बातचीत की संभावना दिखाई दे रही है, तो दूसरी ओर तनाव और सैन्य टकराव का खतरा भी बना हुआ है।



