ट्रंप का बड़ा दावा! बोले- मैं ईरान के निशाने पर, हत्या की साजिश की खबरों पर दिया जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन खबरों को खारिज किया है जिनमें दावा किया गया था कि इजरायल ने ईरान की कथित हत्या की साजिश की जानकारी अमेरिका को दी थी। हालांकि ट्रंप ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से ईरान के निशाने पर हैं और किसी भी हमले की स्थिति में पहले से सख्त निर्देश जारी कर चुके हैं।

  • ट्रंप ने कहा कि वह लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में शामिल हैं।
  • हत्या की साजिश से जुड़ी रिपोर्टों को ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से खारिज किया।
  • इजरायल की खुफिया जानकारी पर अमेरिकी प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की।

Trump Rejects Iran Assassination Plot Reports: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायल ने अमेरिका को ईरान द्वारा उनकी हत्या की कथित साजिश की जानकारी दी थी। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह लंबे समय से ईरान के प्रमुख निशानों में शामिल रहे हैं।

ट्रंप ने कहा कि यदि कभी उनके खिलाफ किसी भी तरह की साजिश सफल होती है तो उसके जवाब के लिए पहले से आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में ईरान को बेहद कड़े सैन्य जवाब का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार पहले से पूरी तरह सतर्क है।

इस बीच, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि युद्धविराम समाप्त होने की जानकारी ईरान को दिए जाने के बावजूद अमेरिका तेहरान के साथ बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं करेगा। उनका कहना था कि कूटनीतिक प्रयास और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों साथ-साथ चल सकते हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, द वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन ने दावा किया था कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरान ट्रंप को निशाना बनाने की नई योजना पर विचार कर रहा है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि इस संबंध में इजरायल ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया जानकारी साझा की थी।

हालांकि सूत्रों के अनुसार, इजरायल की ओर से मिली सूचना से पहले अमेरिकी एजेंसियां स्वतंत्र रूप से इस कथित खुफिया जानकारी की पुष्टि नहीं कर सकी थीं। वहीं व्हाइट हाउस ने इन खबरों पर अलग से टिप्पणी करने के बजाय ट्रंप के हालिया सार्वजनिक बयान का हवाला दिया।

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इससे पहले नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान भी ट्रंप ने कहा था कि वह अब भी तेहरान के प्रमुख निशाने पर हैं। उनका मानना है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहने की जरूरत है।

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