ईरान को ट्रंप की नई चेतावनी, परमाणु ठिकानों पर हलचल दिखी तो होगा बड़ा एक्शन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की लगातार नजर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर संदिग्ध गतिविधि बढ़ती दिखाई देती है तो अमेरिका तुरंत कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने आधुनिक निगरानी तकनीक और सैन्य क्षमता का भी जिक्र करते हुए ईरान को कड़ा संदेश दिया।

  • ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
  • संदिग्ध गतिविधि बढ़ने पर अमेरिका तत्काल सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
  • ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताया, लेकिन विवाद अब भी जारी है।

Trump Warns Iran Over Nuclear Site Activity: वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हर गतिविधि पर लगातार नजर रखे हुए है। यदि किसी भी स्थान पर संदिग्ध हलचल दिखाई देती है तो अमेरिकी सेना तुरंत जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार है।

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स की अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली ईरान के ‘पिकएक्स माउंटेन’ सहित अन्य अहम परमाणु ठिकानों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। उनके अनुसार, अमेरिका के पास ऐसी तकनीक मौजूद है जो अंतरिक्ष से भी बेहद बारीकी से गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम है।

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने यह भी माना कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पिकएक्स माउंटेन पर वास्तव में परमाणु गतिविधियां चल रही हैं या नहीं। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि वहां गतिविधियों में जरा भी बढ़ोतरी दिखाई देती है तो अमेरिका बिना देरी किए जरूरी कदम उठाएगा।

बातचीत में तेहरान के बाहर स्थित तालेघान परमाणु केंद्र का भी जिक्र हुआ। ट्रंप के सामने 22 जून और 7 जुलाई की सैटेलाइट तस्वीरें रखी गईं, जिनमें ट्रकों, क्रेनों और नए कंक्रीट निर्माण जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही थीं। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने इस केंद्र के प्रवेश मार्गों को कंक्रीट से बंद करने की कोशिश की है ताकि वहां पहुंचना मुश्किल बनाया जा सके।

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जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकी बंकर-बस्टर बम गहरे भूमिगत परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर सकते हैं, तो ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास बेहद शक्तिशाली हथियार हैं, जो गहराई तक असर करने में सक्षम हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि जरूरत पड़ने पर तालेघान समेत किसी भी परमाणु केंद्र पर दोबारा हमला करने में अमेरिका पीछे नहीं हटेगा।

ट्रंप ने दावा किया कि ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ शुरू होने से पहले ईरान परमाणु हथियार विकसित करने के बेहद करीब पहुंच चुका था। उनके अनुसार, यदि अमेरिका ने बी-2 बॉम्बर विमानों से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना नहीं बनाया होता तो ईरान कुछ ही समय में परमाणु हथियार हासिल कर सकता था।

दूसरी ओर, ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। हालांकि यूरेनियम संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण को लेकर अमेरिका तथा पश्चिमी देशों के साथ उसका विवाद लंबे समय से बना हुआ है।

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