उरुग्वे में H5 वायरस से हड़कंप, हेल्थ इमरजेंसी

उरुग्वे में घरेलू पोल्ट्री के बीच अत्यधिक रोगजनक H5 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि के बाद सरकार ने देशभर में स्वास्थ्य आपातकाल लागू कर दिया है। संक्रमण पर काबू पाने के लिए पक्षियों की आवाजाही सीमित कर दी गई है और मेलों, नीलामी तथा सार्वजनिक प्रदर्शनियों पर रोक लगाई गई है। प्रभावित इलाके में संक्रमित पक्षियों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • H5 वायरस: उरुग्वे की घरेलू पोल्ट्री में अत्यधिक रोगजनक H5 एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई।
  • हेल्थ इमरजेंसी: संक्रमण रोकने के लिए देशभर में स्वास्थ्य आपातकाल और पोल्ट्री आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए।
  • एवियन इन्फ्लूएंजा: प्रभावित पक्षियों को हटाने, सफाई और जैव-सुरक्षा उपायों को तेज किया गया।

Uruguay Declares Health Emergency Over H5 Virus : उरुग्वे के दक्षिण-पश्चिमी कोलोनिया क्षेत्र में पक्षियों की मौत के बाद एवियन इन्फ्लूएंजा की जांच शुरू की गई थी। शुरुआती रैपिड टेस्ट में वायरस की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन बाद में सरकारी प्रयोगशाला की जांच में H5 वायरस की मौजूदगी सामने आई।

इसके बाद पशुधन सेवा महानिदेशालय ने संक्रमण की पुष्टि करते हुए जरूरी नियंत्रण उपाय लागू किए। यह सेवा पशुधन, कृषि और मत्स्य पालन मंत्रालय के तहत काम करती है।

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सरकार ने प्रभावित क्षेत्र में घरेलू स्तर पर पाले जाने वाले पक्षियों की गैर-व्यावसायिक आवाजाही पर रोक लगा दी है। हालांकि, सरकारी पोल्ट्री निगरानी व्यवस्था में पंजीकृत पक्षियों को तय परिस्थितियों में कुछ छूट दी गई है।

इसके अलावा घरों में खुले में घूमने वाले पक्षियों को बंद और ढकी हुई जगहों पर रखने का निर्देश दिया गया है। इसका मकसद घरेलू पक्षियों का जंगली पक्षियों से संपर्क रोकना है, क्योंकि जंगली पक्षी वायरस के प्रसार में भूमिका निभा सकते हैं।

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संक्रमण को दूसरे इलाकों तक पहुंचने से रोकने के लिए पक्षियों से जुड़े मेले, नीलामी और सार्वजनिक प्रदर्शनियां भी निलंबित कर दी गई हैं। पोल्ट्री उत्पादकों को जैव-सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।

इन उपायों में अनधिकृत लोगों और वाहनों की आवाजाही रोकना, पक्षियों के चारे और पानी को जंगली पक्षियों से बचाना तथा पोल्ट्री परिसर की नियमित सफाई और कीटाणुशोधन शामिल है।

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