होर्मुज़ में हमले के बाद भड़का तनाव, ईरान पर अमेरिका का नया सैन्य एक्शन
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है। अमेरिकी सेना ने इस घटना के लिए आईआरजीसी को जिम्मेदार ठहराते हुए सैन्य कार्रवाई का नया दौर शुरू किया। वहीं ईरान ने अपने कदम को चेतावनी की कार्रवाई बताते हुए जलमार्ग पर सख्त रुख कायम रखा है।
- होर्मुज़ में जहाज पर हमले के बाद अमेरिका का नया सैन्य अभियान शुरू।
- ईरान पर कार्रवाई के बीच क्षेत्रीय तनाव और समुद्री सुरक्षा चिंता का विषय बनी।
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के दावे आमने-सामने आए।
US Launches Fresh Strikes After Hormuz Ship Attack: वॉशिंगटन/तेहरान। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल कार्गो जहाज को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया कि जहाज पर हुए हमले के जवाब में ईरान के खिलाफ इस सप्ताह सैन्य हमलों का तीसरा चरण शुरू कर दिया गया है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, साइप्रस-ध्वज वाले मालवाहक जहाज एम/वी जीएफएस गैलेक्सी पर कथित हमले से इंजन कक्ष को गंभीर नुकसान पहुंचा, जहाज में आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। सेंटकॉम का कहना है कि यह कार्रवाई नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने उस समय जहाज को निशाना बनाया, जब वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। इसके बाद अमेरिकी बलों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और क्षमताओं को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की।
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दूसरी ओर, आईआरजीसी ने इन आरोपों को अलग ढंग से पेश किया। ईरानी पक्ष का कहना है कि संबंधित जहाज को पहले ही निर्धारित मार्ग का पालन करने की चेतावनी दी गई थी और केवल चेतावनी स्वरूप कार्रवाई की गई। साथ ही ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में आवाजाही पर सख्त रुख अपनाने की बात भी दोहराई।
तनाव के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान, ओमान और कतर के अधिकारियों के बीच क्षेत्रीय स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास भी हुए। बातचीत में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने का प्रस्ताव रखा गया, हालांकि इस पर तत्काल सहमति नहीं बन सकी।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर व्यापक असर डाल सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां जारी हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात सामान्य करने की कोशिशों पर नजर बनाए हुए है।



