अमेरिका का ईरान पर फिर एक्शन, 24 घंटे में दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कार्रवाई समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र ने हालात पर चिंता जताते हुए दोनों देशों से तत्काल बातचीत शुरू करने और तनाव कम करने की अपील की।

  • अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर ईरान पर दूसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई की।
  • होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी सेना ने नया ऑपरेशन चलाया।
  • संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका-ईरान तनाव कम करने और वार्ता शुरू करने की अपील की।

US Launches Fresh Strikes on Iran Amid Rising Gulf Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नया हमला शुरू किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जिनसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और नाविकों को खतरा पैदा हो सकता है।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में ईरानी ठिकानों को निशाना बनाते हुए यह दूसरी बड़ी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई है। नए हमलों का फोकस होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद तटीय इलाकों और सैन्य ठिकानों पर रहा।

इसी दौरान अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने समुद्री मार्ग से गुजर रहे कुछ नागरिक जहाजों पर फायरिंग की। अमेरिकी सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने एक क्रूज मिसाइल और एक हमलावर ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।

उधर, ईरान के सरकारी मीडिया ने दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के कई इलाकों, जिनमें जस्क, केशम, बंदर अब्बास और सिरिक शामिल हैं, में विस्फोटों की जानकारी दी। शुरुआती रिपोर्टों में आम नागरिकों के हताहत होने या बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

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अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान की मिसाइल प्रणालियों, एयर डिफेंस नेटवर्क और आईआरजीसी की छोटी नौकाओं को भी निशाना बनाया है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बीते कुछ दिनों में सैकड़ों सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

इस बीच, ईरान ने भी अमेरिका से जुड़े ठिकानों और क्षेत्र के कुछ देशों को निशाना बनाने का दावा किया है। कुवैत ने अपने उत्तरी सीमा क्षेत्र में नुकसान की पुष्टि की है, जबकि एक ऑफशोर ऑयल प्लेटफॉर्म पर ड्रोन हमले में एक कर्मचारी घायल हुआ। हालांकि, अमेरिकी सेना ने अपने किसी सैनिक के हताहत होने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

बढ़ते सैन्य तनाव पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अमेरिका और ईरान दोनों से संयम बरतने, सैन्य कार्रवाई रोकने और जल्द से जल्द कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की अपील की। उनका कहना है कि यदि हालात और बिगड़े तो इसका असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और विश्व अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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