कांग्रेसियों के लिए मुसीबत ला सकती है फिल्म लाल सिंह चड्ढा में

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लाल सिंह चड्ढा
लाल सिंह चड्ढा

फिल्म का अबकी बार मोदी सरकार और स्वच्छता अभियान पर फोकस

फिल्म में 72 हूरों के ख्वाब पर तीखी टिप्पणी

फिल्म अभिनेता और निर्माता आमिर खान की इस गुरुवार को रिलीज होने जा रही फिल्म लाल सिंह चड्ढा हॉलीवुड की फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप पर बनी है, ये सब जानते हैं। लेकिन, इस फिल्म को भारत की घटनाओं के हिसाब से अभिनेता व लेखक अतुल कुलकर्णी ने हिंदी में अनूदित किया है और इसमें जो घटनाएं दिखाई गई हैं, उनके बारे में गिनती के लोगों को ही पता है।

ये फिल्म देखने के बाद सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के समर्थक भी सिनेमाघरों में तालियां बजाते दिख सकते हैं। फिल्म की कहानी से असल तकलीफ कांग्रेस को होने वाली है। फिल्म में 1984 के सिख दंगों पर खासा फोकस है और इसे अलावा भी तमाम ऐसी घटनाएं फिल्म में दिखने वाली हैं, जो कांग्रेस के लिए असहज हो सकती हैं।

अबकी बार, मोदी सरकार

लाल सिंह चड्ढा

फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा के खास और काफी गुपचुप तरीके से स्पेशल शोज होने मुंबई में शुरू हो चुके हैं। इन शोज में शामिल रहे लोग बताते हैं कि एक खास वर्ग की तरफ से चलाई जा रही ‘बॉयकॉट लाल सिंह चड्ढा की मुहिम फिल्म देखने के बाद ठीक नहीं लगती। इस फिल्म में लाल सिंह चड्ढा जब पूरे देश में दौड़ लगाने के लिए निकलता है तो जो सबसे प्रभावशाली दृश्य फिल्म में सामने आता है वह है वाराणसी के घाटों पर लिखे बीजेपी के नारे और वहां बहुत बड़े बड़े अक्षरों में लिखा, ‘अबकी बार मोदी सरकार। यही नहीं फिल्म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को भी उभारा गया है।

’72 हूरों के ख्वाब पर तीखी टिप्पणी

फिल्म देखने वालों के मुताबिक फिल्म लाल सिंह चड्ढा की कहानी की पृष्ठभूमि 1984 के सिख दंगे हैं। इसके अलावा अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के प्रतिशोध स्वरूप मुंबई में हुए बम धमाकों को कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया है। फिल्म में कांग्रेस शासन काल में लगे आपातकाल पर भी तल्ख टिप्पणी है। और, फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढाÓ संभवत मुख्यधारा की पहली ऐसी हिंदी फिल्म भी होने जा रही है जिसमें इस्लामिक आतंकवाद के लिए तैयार किए जाने वाले युवाओं को दिखाए जाने वाले 72 हूरों के ख्वाब पर भी तगड़ा कटाक्ष किया गया है। यहां तक कि फिल्म में एक पूर्व पाकिस्तानी फौजी को ये कहते दिखाया गया है कि वह वापस अपने वतन जाना चाहता है और वहां जाकर लोगों को बताना चाहता है कि असली हिंदुस्तान क्या है?

दो बिछड़े दिलों की प्रेम कहानी

फिल्म लाल सिंह चड्ढा जिस हॉलीवुड फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप पर बनी है उसमें फिल्म की हीरोइन का किरदार एक ऐसी बागी का है जो सामाजिक दस्तूरों को नहीं मानती है। हिप्पी संस्कृति से प्रभावित ये युवती नशे की गिरफ्त में भी आती है। फिल्म का हीरो उसे प्रेम करता है और वह ये बात जानती भी है। एक रात को वह उससे मिलने आती है और उसके बच्चे की मां भी बनती है। फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप इसी नायिका के इंतजार में बस अड्डे पर बैठे गंप की कहानी है जो अपने जीवन की घटनाएं वहां आते जाते लोगों को सुनाता रहता है। फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढाÓ में हीरोइन का यही किरदार करीना कपूर को मिला है।

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डॉन की असल प्रेमिका का किरदार

फिल्म देखने वाले लोगों से जो पता चलता है, उसके मुताबिक फिल्म लाल सिंह चड्ढा में करीना कपूर का किरदार देश में नशे के कारोबार में लिप्त रहे एक माफिया डॉन की प्रेमिका का है। हिंदी सिनेमा में हीरोइन बनने आई इस युवती के किरदार में करीना कपूर का पूरा चरित्र चित्रण सत्य घटनाओं के आधार पर ही किया गया है। करीना कपूर के इस किरदार के लिए माफिया डॉन की प्रेमिका रही इस हीरोइन की पंजाबी पृष्ठभूमि को भी खास तौर से ध्यान में रखा गया है। फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा की कुल अवधि 164 मिनट बताई जा रही है जो इसकी मूल फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप से 22 मिनट ज्यादा है। फिल्म 11 अगस्त को रिलीज हो रही है।