मंगलप्रभात लोढ़ा को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में मंत्री बनाने से राजस्थानियों में खुशी और गर्व की लहर 

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Mangal Prabhat Lodha minister
Mangal Prabhat Lodha minister

मुंबई। शिंदे-फडणवीस सरकार में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल विस्तार हाल ही में पूरा हुआ है। इस कैबिनेट में, शिंदे समूह और भाजपा के नौ-नौ, कुल 18 मंत्रियों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। इसमें कई दिग्गज शामिल हैं। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और मशहूर बिल्डर मंगलप्रभात लोढ़ा को इस कैबिनेट में सम्मानजनक स्थान मिला है । मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर निवासी मंगलप्रभात लोढ़ा जैन और मारवाड़ी समुदाय के मुख्य चेहरा माने जाते हैं। मंत्रिमंडल में शामिल करने के बाद से मुंबई और राजस्थान में राजस्थानी समुदाय में हर्ष की लहर दौड़ गई।  कई प्रवासी राजस्थानियों ने लोढ़ा को बधाई दी।  जोधपुर मैं उनके रिश्तेदारों व भीनमाल सुसराल सहित सभी जानकारों में इसे लेकर ख़ुशी और गर्व महसूस कर रहे है।  

Mangal Prabhat Lodha minister maharashtra

मंगलप्रभात राजस्थानी समुदाय का मुख्य चेहरा

महाराष्ट्र में हुए 2019 विधानसभा चुनाव में मंगल प्रभात लोढ़ा ने मालाबार हिल निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और 70 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की। 66 वर्षीय मंगलप्रभात लोढ़ा मैक्रोटेक डेवलपर्स के फाउंडर हैं। मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर निवासी मंगलप्रभात मारवाड़ी समुदाय के मुख्य चेहरा माने जाते हैं। वह 1995 से लगातार 6 बार विधायक रह चुके हैं हालांकि कभी मंत्री पद नहीं मिला।

मंगल प्रभात लोढा

मंगल प्रभात लोढा के पास 441 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति

चुनावी हलफनामे के अनुसार, लोढ़ा के पास 441 करोड़ की संपत्ति है। इनमें से 252 करोड़ रुपए से अधिक की चल संपत्ति और करीब 189 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। 14 लाख रुपए की जगुआर कार, बॉन्ड और शेयर में अन्य निवेश हैं। लोढा के पास दक्षिण मुंबई में पांच फ्लैट हैं। राजस्थान में एक प्लॉट और उनकी पत्नी के पास मालाबार हिल्स इलाके में एक मकान है। हलफनामे के मुताबिक, लोढा पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। वे छह बार विधायक रहे हैं।

एक वकील, एक बिल्डर और फिर एक राजनेता के रूप में उनके करियर के बारे में और जानें-

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मंगलप्रभात लोढ़ा की जीवनी

  • मंगल प्रभात लोढ़ा का जन्म और परिवार राजस्थान के जोधपुर, मारवाड़ में हुआ था, और वे स्वतंत्रता सेनानी और न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुमान मल लोढ़ा के पुत्र हैं। उन्होंने मंजू लोढ़ा से शादी की है और उनके दो बेटे अभिषेक और अभिनंदन हैं। लोढ़ा ने जोधपुर विश्वविद्यालय से बी.कॉम और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और राजस्थान उच्च न्यायालय में कानून की प्रैक्टिस की।
  • राष्ट्रीय मुद्दों से प्रभावित, मंगल प्रभात लोढ़ा बचपन से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे हैं। जोधपुर विश्वविद्यालय से B.Com और LLB पूरी करने के बाद, उन्होंने जोधपुर उच्च न्यायालय में कानून का अभ्यास शुरू कर दिया था। लेकिन जब उनके पिता गुमान मल लोढ़ा, जोधपुर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने, तब उन्होंने अपनी प्रेक्टिस छोड़ दी, क्योंकि न्यायालय जहाँ उनके पिता न्यायाधीश हो वहाँ वकालत करने नैतिक रूप से गलत होगा।
  • बाद में 1981 में, वह रियल एस्टेट कारोबार शुरू करने के लिए मुंबई चले गए और इस तरह लोढ़ा ग्रुप की नींव रखी। आज, लोढ़ा समूह भारत में अग्रणी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक बन गया है। मंगल प्रभात लोढ़ा की दूरदर्शिता, समर्पण और कड़ी मेहनत ने लोढ़ा समूह की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले कुछ वर्षों में, उन्होंने अपना पूरा समय बिताने और समाज सेवा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने दो बेटों अभिषेक लोढ़ा और अभिनंदन लोढ़ा को लोढ़ा समूह की जिम्मेदारी दी है।

1990 में राजनीति की ओर रुख किया

  • 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा से वे प्रभावित हुए। उसके बाद उन्होंने 1993 में बीजेपी से काम करना शुरू किया।
  • 1995 में, मंगलप्रभात लोढ़ा को पहली बार मुंबई के मालाबार हिल से नामांकित किया गया था। उन्होंने कांग्रेस के बीएस देसाई के वर्चस्व वाले निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की और अपना जीवन बदल दिया।
  • उसके बाद भाजपा में मंगलप्रभात लोढ़ा की ताकत और बढ़ गई।
  • वर्तमान में मंगलप्रभात लोढ़ा देश के प्रसिद्ध और धनी व्यापारियों में से एक हैं।

मंजू लोढ़ा से विवाह के बाद बदला जीवन, सफलता के साथ समाज सेवा में भी अग्रणी बने

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भीनमाल के लुंकड़ परिवार में हुई लोढ़ा की शादी

देश के सबसे अमीर रियल एस्टेट डेवलपर्स का खिताब पाने वाले मंगल प्रभात लोढ़ा की शादी जालोर जिले के भीनमाल के लुंकड़ परिवार में मंजू लुंकड़ के साथ हुई थी। मंजू के पिता किशोरमल लुंकड़ भीनमाल में 72 जिनालय निर्माण कराने वाले शख्स है। शादी के बाद मंजू का सरनेम में लोढ़ा जुड़ गया। मंजू लोढ़ा अपने पति की कंपनी में बराबर की हिस्सेदार बनी।

कुशल कारोबारी के साथ धार्मिक प्रवृति की महिला हैं मंजू

मंजू लोढ़ा धार्मिक प्रवृति की महिला हैं। भक्त के ईश्वर तक पहुंचने की सरल विद्या वे भक्ति को मानती हैं। अपने बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन व्यवसाय के तहत जहां कहीं भी भवन बनाती हैं, वहां के लोगों की राय लेकर मंदिर अवश्य बनाती हैं। मुंबई के डोंबिवली में जैन मंदिर, थाणा तथा अपोलो में गणेश मंदिर, साईं मंदिर बनवाया है। जुहू चंद्रा वसई में निर्मित लोढ़ा धाम साधु-संतों के रहने, खाने, व्याख्यान देने का भव्य स्थान है। यहां पांच लाख से अधिक पुस्तकों का अदभुत वाचनालय भी है, जो जैन धर्म से संबंधित है। देश-विदेश के शोधार्थियों के लिए अनुपम स्थान है। यहां एक सुंदर गौशाला भी है, जिसमें पचास से अधिक गायें है। लोढ़ा फैमिली ने ही राजस्थान में नागौर के मूंडवा में कुल देवी का भव्य मंदिर बनवाया है। जहां पर धर्मशाला और गौशाला निर्माणाधीन है।

समाजसेवा में अग्रणी रहने के साथ संगीत व कला प्रेमी हैं मंजू लोढ़ा

समाजसेवा के अतिरिक्त मंजू लाेढ़ा काे लेखन, स्पीच देना, संगीत, कला संग्रह, विदेश यात्रा इत्यादि में विशेष रुचि है। उनके कार्यों में परिवार के सभी सदस्यों का पूरा सहयोग तथा समर्थन प्राप्त है। लोढ़ा ग्रुप ऑफ कम्पनीज’ के भवन निर्माण कार्य इनके दोनों पुत्र अभिषेक व अभिनंदन लोढ़ा संभालते हैं। इनकी दाेनाें बहुएं विनती व शीतल भी काफी शिक्षित हैं। पोतियां यशवी तथा आयरा और एक पोता है।

mangal prabhat lodha and sons

लोढ़ा समूह के बारे में 

लोढ़ा समूह मुंबई में स्थित एक निजी तौर पर आयोजित रियल एस्टेट डेवलपर है, जिसे 1980 में मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा स्थापित किया गया था। कंपनी भारत की शीर्ष रियल एस्टेट कंपनियों में से एक है जो अपनी विश्वस्तरीय वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियों के लिए जानी जाती है। अधिकांश संपत्तियां मुंबई में स्थित हैं। उनकी हैदराबाद, पुणे और लंदन में भी मौजूदगी है।

लोढ़ा समूह की स्थापना 1980 में मंगल प्रभात लोढ़ा ने की थी। मंगल प्रभात लोढ़ा के पुत्र अभिषेक लोढ़ा मुंबई में कंपनी के विकास के प्रभारी हैं। अभिषेक लोढ़ा ने अमेरिका में जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अटलांटा से स्नातक किया। अपनी शिक्षा के बाद उन्होंने मैकिन्से एंड कंपनी में फॉर्च्यून 500 कंपनियों के लिए एक व्यापार रणनीतिकार के रूप में काम किया।