दिल्ली-NCR में बढ़ा संत सान्निध्य, 10 सिंघाड़ों का चातुर्मास

आचार्यश्री महाश्रमणजी की कृपा से दिल्ली-एनसीआर में इस वर्ष 10 सिंघाड़ों के चातुर्मास एवं मंगल प्रवास का अवसर मिला है। पर्युषण पर्व के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालु संतों के सान्निध्य में प्रवचन, स्वाध्याय, सामायिक, जप, ध्यान और आत्मचिंतन कर रहे हैं। 8 से 15 सितंबर तक पर्युषण और 16 सितंबर को क्षमापना दिवस मनाया जाएगा। इससे धार्मिक वातावरण भी खासा भक्तिमय बना है।

  • दिल्ली-NCR में 10 सिंघाड़ों का चातुर्मास और मंगल प्रवास।
  • पर्युषण पर्व में प्रवचन, स्वाध्याय और धार्मिक साधनाओं पर जोर।
  • 16 सितंबर को क्षमापना दिवस के साथ पर्व का समापन होगा।

Increased Presence of Saints in Delhi-NCR : दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों पर्युषण पर्व के चलते धार्मिक वातावरण बना हुआ है। आचार्यश्री महाश्रमणजी की कृपा से क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर धर्मसंघ के 10 विद्वान एवं विदुषी सिंघाड़ों का चातुर्मास और मंगल प्रवास हो रहा है। संतों की मौजूदगी से श्रद्धालुओं को अपने ही क्षेत्र में प्रवचन सुनने, दर्शन करने और स्वाध्याय के साथ धार्मिक आराधना का अवसर मिल रहा है।

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8 से 15 सितंबर तक चल रहे पर्युषण पर्व के दौरान श्रद्धालु सामायिक, मौन, स्वाध्याय, संयम, ब्रह्मचर्य, जप और ध्यान जैसी साधनाओं में हिस्सा ले रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रोजाना सुबह 9 बजे से प्रवचन होते हैं। इसके बाद दो सामायिक के कालमान में धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। शाम 6:35 बजे से प्रतिक्रमण और अर्हंत वंदना का आयोजन होता है। विभिन्न क्षेत्रों में पर्युषण से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी चल रहे हैं। 16 सितंबर को क्षमापना दिवस मनाया जाएगा।

जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, दिल्ली के प्रचार-प्रसार प्रभारी हरीश जैन बरड़िया ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर को एक साथ 10 सिंघाड़ों का चातुर्मास एवं मंगल प्रवास मिलना विशेष अवसर है। पर्युषण के छठे दिन रविवार होने के कारण विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में जैन अनुयायी और समाज के लोग धार्मिक आयोजनों में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने संतों के सान्निध्य में आराधना, साधना, स्वाध्याय और आत्मचिंतन किया।

दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग चारित्रात्माओं का प्रवास भी निर्धारित स्थानों पर हो रहा है। शासनश्री मुनिश्री विमल कुमारजी ठाणा-4 ओसवाल भवन, विवेक विहार-2 में, बहुश्रुत मुनिश्री उदित कुमारजी ठाणा-3 खिलौनी देवी धर्मशाला, आर.पी. ब्लॉक, पीतमपुरा में और मुनिश्री जय कुमारजी ठाणा-3 महाश्रमण सदन, छतरपुर रोड, महरौली में विराजित हैं। डॉ. मुनिश्री अभिजित कुमारजी ठाणा-2 तेरापंथ भवन, कृष्णा नगर में मंगल प्रवास कर रहे हैं।

वहीं शासनश्री साध्वीश्री संघमित्राजी ठाणा-5 गोयल श्रद्धा निवास, ग्रीन पार्क में, शासनश्री साध्वीश्री शुभमतीजी ठाणा-4 अणुव्रत भवन, नई दिल्ली में, शासनश्री साध्वीश्री सुमनश्रीजी ठाणा-4 तेरापंथ भवन, सेक्टर-05, रोहिणी में और शासनश्री साध्वीश्री रविप्रभाजी ठाणा-5 तेरापंथ भवन, सूर्य नगर, गाजियाबाद में विराजित हैं। साध्वीश्री डॉ. कुन्दनरेखाजी ठाणा-3 अग्रवाल धर्मशाला हॉल, मॉडल टाउन-2 तथा साध्वीश्री लब्धिप्रभाजी ठाणा-3 तेरापंथ भवन, सेक्टर-10 एचबीसी, फरीदाबाद में मंगल प्रवास कर रही हैं।

पर्युषण के कार्यक्रमों को सुचारु रूप से आयोजित करने के लिए जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, दिल्ली विभिन्न क्षेत्रीय सभाओं और संस्थाओं के साथ समन्वय कर रही है। आयोजन में आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति दिल्ली, अखिल भारतीय अणुव्रत न्यास, तेरापंथ युवक परिषद दिल्ली, तेरापंथ महिला मंडल दिल्ली, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम और अणुव्रत समिति ट्रस्ट दिल्ली समेत कई संस्थाएं सहयोग कर रही हैं।

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कार्यक्रमों का समन्वय आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष कन्हैयालाल जैन पटावरी और महामंत्री सुखराज सेठिया तथा जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, दिल्ली के अध्यक्ष बिमल बेंगानी और महामंत्री प्रदीप संचेती के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। संतों के सान्निध्य और श्रद्धालुओं की सहभागिता से दिल्ली-एनसीआर में पर्युषण पर्व का आध्यात्मिक रंग और गहरा होता नजर आ रहा है।

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