भोपाल में शाह का बड़ा ऐलान, ‘न्याय संहिता’ से नशामुक्ति तक कई घोषणाएं
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन और ‘न्याय संहिता’ आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। शाह ने डेयरी क्षेत्र, गौशालाओं और नए आपराधिक कानूनों को लेकर सरकार की योजनाओं और लक्ष्यों की जानकारी दी।
- अमित शाह ने ‘न्याय संहिता’ का मूल मंत्र न्याय, दंड नहीं बताया।
- गोपालक सम्मेलन में गौशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई।
- मध्य प्रदेश में नशामुक्ति और दूध उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य बताया गया।
Amit Shah Launches Gopalak Conference in Bhopal : भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने मध्य प्रदेश के डेयरी सेक्टर से जुड़ी कई योजनाओं का शुभारंभ और भूमिपूजन किया। उन्होंने रिमोट के जरिए विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान दुग्ध संघों के सदस्यों और गौशालाओं को आर्थिक सहायता भी वितरित की गई।

कार्यक्रम में 11 जिलों से करीब 35 हजार गोपालक शामिल हुए। शाह ने गौशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की। इसके अलावा उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया गया। भोपाल की लखपति गोपालक दीदी शशि बाई समेत पांच लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के दो स्वीकृति पत्र भी सौंपे गए।
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अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका मूल मंत्र ‘न्याय, दंड नहीं’ है। उन्होंने कहा कि पहले की न्याय व्यवस्था को ‘तारीख पर तारीख’ के लिए जाना जाता था, जबकि नए कानूनों के जरिए एफआईआर से लेकर उच्चतम न्यायालय तक दोषी को तीन साल के भीतर सजा दिलाने की दिशा में व्यवस्था बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के दौर के कानून सरकार और प्रशासन की सुरक्षा पर केंद्रित थे, जबकि नए कानूनों में नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की सुरक्षा पर जोर दिया गया है।
शाह ने मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 के बाद प्रदेश में युवाओं के लिए नशे की जगह नहीं होगी। उन्होंने बताया कि भोपाल में 12 करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय प्रयोगशाला बनाई गई है।
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डेयरी क्षेत्र को लेकर उन्होंने बताया कि शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट बनाने की योजना है। इसके लिए 50 एकड़ जमीन की मांग की गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलने की बात उन्होंने कही। यहां गौवंश और भैंस की नस्ल सुधार पर काम किया जाएगा।
शाह ने दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सेक्स-शॉर्टेड सीमन तकनीक के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ाकर 50 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को प्रदेश में ‘श्वेत क्रांति-2’ की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 12 लाख लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है और इसे 50 लाख लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।



