असम में बाढ़ का असर बरकरार, 73 गांवों के 15,512 लोग प्रभावित

असम के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घटने से राहत के संकेत हैं, लेकिन छह जिलों में संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 73 गांवों की 15,512 आबादी अब भी प्रभावित है और 6,299 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है। प्रशासन राहत-बचाव अभियान चला रहा है, जबकि सरकार सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे के नुकसान का आकलन भी कर रही है।

  • असम बाढ़: 73 गांवों के 15,512 लोग अब भी प्रभावित
  • बाढ़ का असर: 6,299 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न
  • राहत अभियान: 5 राहत शिविर और 3 वितरण केंद्र सक्रिय

Assam Flood Situation Remains Critical in Six Districts: गुवाहाटी। असम में बाढ़ का पानी कई इलाकों में धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन छह जिलों में संकट अभी बना हुआ है। शिवसागर, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और कछार में 73 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन इलाकों में कुल 15,512 लोग अभी भी प्रभावित बताए गए हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के आंकड़ों के अनुसार राज्य की सभी प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद बाढ़ का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस साल बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या 106 तक पहुंच गई है।

6 जिलों में 13 राजस्व मंडल प्रभावित

मौजूदा स्थिति में छह जिलों के 13 राजस्व मंडलों के 73 गांव प्रभावित हैं। बाढ़ के पानी में करीब 6,299 हेक्टेयर कृषि भूमि डूबी हुई है। शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट को इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में बताया गया है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पांच राहत शिविर और तीन राहत वितरण केंद्र सक्रिय रखे हैं।

राहत शिविरों में 183 लोग

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राहत शिविरों में 183 लोग शरण लिए हुए हैं। वहीं राहत वितरण केंद्रों के जरिए 4,979 ऐसे लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है, जो शिविरों में नहीं रह रहे हैं। बाढ़ से पशुधन भी प्रभावित हुआ है। 21 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार करीब 9,642 जानवर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सरकार की ओर से पशुओं के लिए गेहूं का चोकर भी वितरित किया गया है।

शिवसागर में मकानों को नुकसान

बाढ़ से शिवसागर जिले में कई मकानों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा है। आंकड़ों के अनुसार 12 कच्चे और 5 पक्के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 10 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। जिले में 3 पक्के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। सात अन्य झोपड़ियों और सात मवेशी शेड को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

राहत सामग्री का वितरण जारी

बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राज्य सरकार की ओर से खाद्य सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। राहत के तौर पर 82.892 क्विंटल चावल, 15.128 क्विंटल दाल, 4.5512 क्विंटल नमक और 325.53 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया है। पशुओं के लिए 334.3 क्विंटल गेहूं का चोकर भी उपलब्ध कराया गया। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बुधवार को एक मेडिकल टीम भी तैनात की गई।

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सड़क-पुलों के नुकसान का आकलन

सरकार अब बाढ़ से सड़कों, पुलों और दूसरे बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन कर रही है। प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकें भी लगातार हो रही हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दिल्ली में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर असम की मौजूदा बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया है। राज्य सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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