ब्रिक्स समिट शुरू, दिल्ली हाई अलर्ट पर
नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत के साथ राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दो दिवसीय बैठक में 21 देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए बीजिंग से रवाना हो चुके हैं। भारत मंडपम और प्रमुख वीवीआईपी मार्गों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।
- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी।
- शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने भारत के लिए रवाना।
- भारत मंडपम समेत वीवीआईपी रूट पर हजारों सुरक्षाकर्मी और हाईटेक निगरानी तैनात।
BRICS Summit Begins in Delhi: नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज हो गया है। भारत की मेजबानी में आयोजित यह दो दिवसीय बैठक 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रही है। सम्मेलन को लेकर राजधानी के कई अहम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाया गया है।
शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के अलावा साझेदार और आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के नेता भी हिस्सा ले रहे हैं। कुल 21 देशों के नेताओं के नई दिल्ली पहुंचने का सिलसिला जारी है। सम्मेलन की इस वर्ष की थीम ‘सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण’ रखी गई है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए बीजिंग से भारत के लिए रवाना हो गए हैं। चीनी मीडिया की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शी जिनपिंग नई दिल्ली पहुंच रहे हैं।
वहीं, बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिज़ेंकोव शनिवार को भारत पहुंच गए। सम्मेलन में अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल और प्रमुख होटलों तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीर एयरपोर्ट रोड पर भी दिखाई दे रही है। ब्रिक्स सम्मेलन के स्वागत के लिए सड़क को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है। विदेशी मेहमानों के स्वागत के साथ राजधानी को सम्मेलन के अनुरूप विशेष रूप से सजाया गया है।
सुरक्षा के लिए करीब 15,000 दिल्ली पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था में 30 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। भारत मंडपम और आसपास के क्षेत्रों में हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए 500 से अधिक हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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इन कैमरों में चेहरे की पहचान और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, वीवीआईपी रूट, एयरपोर्ट और प्रमुख होटलों की सुरक्षा के लिए एनएसजी कमांडो, स्नाइपर, एंटी-ड्रोन सिस्टम और एंटी-सबोटाज टीमों को भी तैनात किया गया है।
भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है। देश इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। इस बार नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन को भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 पूर्ण सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों समेत कुल 21 देशों के नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। वैश्विक सहयोग, नवाचार और सतत विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा के बीच दुनिया की नजरें अब नई दिल्ली में होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी हैं।



