ब्रिक्स समिट: भारत पहुंचे विदेशी मेहमान

भारत की मेजबानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए शुक्रवार को कई विदेशी नेताओं और प्रतिनिधियों का नई दिल्ली पहुंचना शुरू हुआ। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो और उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन का जोरदार स्वागत किया गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और एआईआईबी की अध्यक्ष जू जियायी भी राजधानी पहुंच चुकी हैं।

  • ब्रिक्स समिट 2026 के लिए विदेशी मेहमान दिल्ली पहुंचे
  • दक्षिण अफ्रीका, युगांडा और उरुग्वे के प्रतिनिधियों का स्वागत
  • व्लादिमीर पुतिन भी पहुंचे भारत, मोदी से होगी अहम बातचीत

BRICS Summit: Foreign Leaders Arrive in India: नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज हैं। भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार सुबह से विदेशी मेहमानों के भारत पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा का नई दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने उनके आगमन की जानकारी साझा करते हुए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख किया।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के आधार पर अपने रिश्तों को आगे बढ़ा रहे हैं। ब्रिक्स के साझेदार देशों के साथ मिलकर ग्लोबल साउथ के हितों और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता भी इस दौरान रेखांकित की गई।

उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन भी शुक्रवार को राजधानी पहुंचे। वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘कम्युनिटी ऑफ लैटिन अमेरिकन एंड कैरिबियन स्टेट्स’ यानी CELAC का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत ने उनके आगमन का स्वागत करते हुए व्यापार, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो का भी नई दिल्ली में स्वागत किया गया। विदेश मंत्रालय ने भारत और युगांडा के बीच संबंधों को दोस्ताना बताते हुए कहा कि दोनों देशों की साझेदारी साझा इतिहास के साथ-साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर लगातार आगे बढ़ रही है।

इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भारत पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को देखते हुए पुतिन का दौरा इस शिखर सम्मेलन के दौरान खास महत्व रखता है।

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पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार को द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि बातचीत में दोनों देशों के संबंधों की प्रगति की समीक्षा के साथ रणनीतिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होगी।

एआईआईबी की अध्यक्ष जू जियायी भी शुक्रवार सुबह भारत पहुंचीं। ब्रिक्स सम्मेलन में अलग-अलग देशों और संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच नई दिल्ली इन दिनों वैश्विक कूटनीति का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस शिखर सम्मेलन में ग्लोबल साउथ, आर्थिक सहयोग, व्यापार, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विदेशी मेहमानों के लगातार आगमन से सम्मेलन की कूटनीतिक अहमियत भी साफ नजर आ रही है।

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