यूपी में ELC कॉन्फ्रेंस स्थगित, चुनाव आयोग ने बताई वजह

उत्तर प्रदेश में ELC कॉन्फ्रेंस स्थगित किए जाने पर चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के मुताबिक, कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। वेन्यू की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्रम और प्राकृतिक परिस्थितियों समेत कई कारणों से तारीखें बदली जा सकती हैं। आयोग ने कहा कि यूपी के दोनों कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को लिया गया था।

  • ELC कॉन्फ्रेंस: यूपी में मेरठ और वाराणसी के कार्यक्रम स्थगित किए गए।
  • चुनाव आयोग: तारीखों में बदलाव को सामान्य प्रक्रिया बताया।
  • ELC 2.0: युवाओं और छात्रों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर।

ECI Clarifies on UP ELC Conference Postponement: उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित ELC कॉन्फ्रेंस के स्थगित होने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सफाई दी है। आयोग ने कहा कि किसी कार्यक्रम की तारीख बदलना कोई असामान्य बात नहीं है। प्रशासनिक जरूरतों और परिस्थितियों के आधार पर ऐसे बदलाव पहले भी किए जाते रहे हैं।

ECI के अनुसार, किसी कार्यक्रम की तारीख तय होने के बाद वेन्यू की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्रम और प्राकृतिक कारणों सहित कई परिस्थितियों को ध्यान में रखना पड़ता है। आयोग ने यह भी बताया कि इससे पहले हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में आयोजित होने वाले ELC कॉन्फ्रेंस की तारीखों में भी बदलाव या कार्यक्रम स्थगित किए जा चुके हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में होने वाली दोनों कॉन्फ्रेंस को स्थगित करने का निर्णय 21 सितंबर को लिया गया था। प्रस्तावित कार्यक्रमों के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का 25 सितंबर को मेरठ दौरा और 28 सितंबर को वाराणसी में कार्यक्रम निर्धारित था।

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इन कार्यक्रमों में युवाओं के साथ संवाद के अलावा चुनावी साक्षरता से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी प्रस्तावित थी। ELC यानी Electoral Literacy Club चुनाव आयोग की ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को चुनावी प्रक्रिया, लोकतांत्रिक मूल्यों और उनके चुनावी अधिकारों के बारे में जागरूक करना है।

इसी दिशा में आयोग ELC 2.0 और ECIने‍ट ऐप से जुड़े क्षेत्रीय सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक चुनावी साक्षरता क्लबों को ज्यादा प्रभावी मंच के रूप में विकसित करना है, जहां छात्र और शिक्षक भारत की चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकें।

ELC 2.0 की शुरुआत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पटना के ज्ञान भवन में की थी। सम्मेलनों के दौरान ECIने‍ट ऐप की सुविधाओं का लाइव डेमो, ELC 2.0 से जुड़ी गतिविधियां और प्रतिभागियों के साथ इंटरैक्टिव चर्चा भी की जाती है।

आयोग अब तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, पटना के ज्ञान भवन, चेन्नई के कलाइवनर अरंगम के अलावा गोवा और अहमदाबाद में क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित कर चुका है। यूपी में प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर आयोग की सफाई के बाद मुख्य बात यही है कि तारीखों में बदलाव को उसने नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

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