गांधी-शास्त्री जयंती पर देश ने किया नमन
गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने राजघाट और विजयघाट पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, राष्ट्रसेवा और कर्तव्य के उन मूल्यों को याद किया, जो दोनों महान नेताओं की विरासत का हिस्सा रहे हैं।
- गांधी जयंती: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत नेताओं ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
- लाल बहादुर शास्त्री: विजयघाट पर पूर्व प्रधानमंत्री को नमन कर उनके सादगी और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को याद किया गया।
- गांधी के विचार: सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, स्वच्छता और मानवता के संदेश की आज की प्रासंगिकता पर नेताओं ने जोर दिया।
Gandhi-Shastri Jayanti: Nation Pays Tribute : गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को दिल्ली में देश के शीर्ष नेताओं ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने राजघाट और विजयघाट पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की विरासत को याद करते हुए सत्य, अहिंसा और निर्भयता को उनकी सबसे बड़ी सीख बताया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने अन्याय के सामने झुकने के बजाय सत्य और अहिंसा के साथ मजबूती से खड़े रहने का संदेश दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गांधीजी ने स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा देने के साथ मानवता, करुणा और शांति का संदेश दुनिया तक पहुंचाया। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और गांधीवादी मूल्यों के प्रति उनके समर्पण को भी याद किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके विचारों की प्रासंगिकता समय के साथ बनी हुई है। उन्होंने स्वदेशी के प्रति गांधीजी के आग्रह का उल्लेख करते हुए खादी को इसका महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधीजी के विचार बेहतर समाज और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरणा देते रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री को भी नमन किया। उन्होंने शास्त्री की सादगी और देश के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व भले ही सहज था, लेकिन राष्ट्रहित में उनका संकल्प बेहद दृढ़ था।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गांधीजी के सत्य और अहिंसा के प्रति विश्वास को याद किया। उन्होंने कहा कि न्याय, मानवीय गरिमा, शांति और सेवा से जुड़ा गांधीजी का संदेश आज भी लोगों को प्रेरित करता है। शास्त्री को याद करते हुए उन्होंने उनके ईमानदार, सादगीपूर्ण और समर्पित जीवन को अनुकरणीय बताया।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सत्य, अहिंसा और मानवता का गांधीजी का संदेश समय की सीमाओं से परे है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गांधीजी के सामाजिक सद्भाव, स्वच्छता और जनसेवा से जुड़े विचारों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन लोगों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व निभाने की प्रेरणा देता है। शास्त्री के बारे में उन्होंने ईमानदारी, कर्तव्य-बोध और राष्ट्रप्रेम को उनकी विरासत का अहम हिस्सा बताया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का आधार बनाया। गांधीजी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन से निष्ठा और शुद्ध विचारों के साथ लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिलती है।



