भारत और बेल्जियम के बीच बड़ा करार, अगले 5 साल में दोगुना होगा द्विपक्षीय व्यापार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की बैठक में दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। बातचीत में व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य, बंदरगाह, ऊर्जा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिजों समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- भारत-बेल्जियम व्यापार को 5 साल में दोगुना करने पर जोर
- पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर ने आर्थिक साझेदारी पर की चर्चा
- भारत-बेल्जियम संबंधों में रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सहयोग बढ़ेगा
Major agreement between India and Belgium : भारत और बेल्जियम ने अपने आर्थिक रिश्तों को नई रफ्तार देने की दिशा में अहम सहमति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच हुई बैठक में अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ सहयोग के नए क्षेत्रों पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
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बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। उनके साथ बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकेन के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का उच्चस्तरीय दल भी भारत आया है।
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और बेल्जियम के लंबे रिश्तों को भी याद किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान फ्लैंडर्स फील्ड्स में 9,000 से अधिक भारतीय सैनिकों के बलिदान का उल्लेख करते हुए दोनों पक्षों ने ऐतिहासिक संबंधों की अहमियत पर बात की। साथ ही, 1947 में भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले शुरुआती यूरोपीय देशों में बेल्जियम की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
दोनों देशों ने व्यापार और निवेश के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, रक्षा उद्योग, महत्वपूर्ण खनिज, सतत उद्योग और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं का स्वागत किया। नेताओं ने माना कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं की जरूरतें और क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं, जिससे आने वाले समय में नए कारोबारी अवसर तैयार हो सकते हैं।
जीवन विज्ञान और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में रखा गया। फार्मास्यूटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी, क्लिनिकल रिसर्च और आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों में दोनों देशों की विशेषज्ञता को देखते हुए उद्योग, शिक्षण संस्थानों और शोध संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत और बेल्जियम के बीच समुद्री क्षेत्र में भी रिश्ते मजबूत करने की योजना है। दोनों पक्षों ने बंदरगाह विकास, लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी, ड्रेजिंग और अपतटीय पवन ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे में सहयोग की संभावनाओं पर सहमति जताई। भारत के बंदरगाह विकास में बेल्जियम की ड्रेजिंग विशेषज्ञता के योगदान को भी महत्व दिया गया।
हीरा कारोबार का पुराना रिश्ता भी बातचीत का हिस्सा रहा। दोनों नेताओं ने एंटवर्प को मुंबई और सूरत से जोड़ने वाले हीरा व्यापार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए इस क्षेत्र में आर्थिक जुड़ाव को और आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।
तकनीक और शिक्षा के मोर्चे पर भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने खगोल विज्ञान, खगोल भौतिकी और अंतरिक्ष तकनीक में शोध एवं उच्च शिक्षा के सहयोग को आगे बढ़ाने का स्वागत किया। बेल्गो-इंडियन नेटवर्क फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (BINA) को इस दिशा में अहम माध्यम माना गया।
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बातचीत केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रही। प्रधानमंत्री मोदी और डी वेवर ने यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम समेत प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए। यूक्रेन को लेकर दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बातचीत और कूटनीति के जरिए व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों का समर्थन दोहराया।
भारत-ईयू संबंधों को भी दोनों प्रधानमंत्रियों ने अहम बताया। उन्होंने भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और निवेश संरक्षण तथा भौगोलिक संकेतक से जुड़े समझौतों पर बातचीत जल्द पूरी करने की जरूरत पर जोर दिया। 2027 में भारत-बेल्जियम राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ को भी रिश्तों को नई ऊंचाई देने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।



