भारत-न्यूजीलैंड की नई रणनीतिक साझेदारी, एफटीए से व्यापार को मिलेगी बड़ी रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड दौरे के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाने की घोषणा की। मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के जरिए व्यापार, निवेश, कृषि, तकनीक और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया है।
- भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी को मिला नया विस्तार।
- एफटीए से व्यापार, निवेश और किसानों के लिए खुलेंगे नए अवसर।
- प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक, शिक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर।
India-New Zealand Strategic Partnership Boosts Trade : भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में कहा कि दोनों देशों ने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। उनका कहना था कि यह समझौता भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि हाल ही में रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके जरिए व्यापार, निवेश, कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और युवाओं के लिए रोजगार व कारोबार के नए अवसर तैयार होंगे। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है।
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उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब एफटीए इस गति को और तेज करेगा तथा उद्योगों के साथ किसानों और उद्यमियों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मोदी ने कहा कि दोनों देश केवल व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। यूपीआई और न्यूजीलैंड की भुगतान प्रणाली को जोड़ने की दिशा में काम होगा। साथ ही कृषि, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण में सहयोग बढ़ाने की विस्तृत योजना तैयार की गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने पर भी दोनों देशों की सहमति बनी है। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नौसैनिक अभ्यास, लॉजिस्टिक सहयोग और हाइड्रोग्राफी जैसे क्षेत्रों में तालमेल बढ़ाया जाएगा।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक सहयोग समझौते से कला, विरासत और रचनात्मक उद्योगों के बीच आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। उन्होंने न्यूजीलैंड के विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने का भी आमंत्रण दिया, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।
खेलों को लेकर भी दोनों देशों ने नई पहल की है। भारत और न्यूजीलैंड इस वर्ष अपने खेल संबंधों की 100वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर कई संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में सहयोग बढ़ाने के लिए साझा कार्ययोजना पर भी सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों में समान विश्वास रखते हैं, जो दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाता है। वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी दोनों देशों की राय एक जैसी है। आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्य समूह बनाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।
ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की ओर से आयोजित राजकीय भोज में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नए दौर की शुरुआत है। उन्होंने गर्मजोशी से किए गए स्वागत और आतिथ्य के लिए न्यूजीलैंड सरकार का आभार भी व्यक्त किया।



