नौसेना में शामिल हुआ ‘निपुण’, बढ़ी समुद्री ताकत
भारतीय नौसेना को दूसरा स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल ‘निपुण’ मिलने से गहरे समुद्र में गोताखोरी और पानी के भीतर चलने वाले अभियानों की क्षमता मजबूत हुई है। मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में शामिल किया गया यह जहाज आधुनिक डाइविंग, मेडिकल सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू जैसी अहम क्षमताओं से लैस है और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण को भी मजबूती देता है।
- ‘निपुण’ के शामिल होने से नौसेना की गहरे समुद्र में डाइविंग क्षमता बढ़ी।
- डाइविंग सपोर्ट वेसल सबमरीन रेस्क्यू और अंडरवाटर ऑपरेशन में मदद करेगा।
- भारतीय नौसेना को स्वदेशी जहाज से पानी के भीतर अभियानों में नई ताकत मिलेगी।
INS Nipun Joins Indian Navy Fleet : भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमताओं में सोमवार को एक और महत्वपूर्ण इजाफा हुआ। मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में निस्तार श्रेणी के दूसरे डाइविंग सपोर्ट वेसल (डीएसवी) ‘निपुण’ को नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इसके साथ ही गहरे समुद्र में गोताखोरी और पानी के नीचे सहायता से जुड़े अभियानों के लिए नौसेना की क्षमता और मजबूत हो गई है।
‘निपुण’ को विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने डिजाइन और तैयार किया है। पूरी तरह स्वदेशी इस प्लेटफॉर्म को भारतीय रक्षा जहाज निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है। आउटफिटिंग और समुद्री परीक्षणों का व्यापक कार्यक्रम पूरा करने के बाद जहाज को 30 जुलाई को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था।
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यह जहाज खासतौर पर डाइविंग और अंडरवाटर ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक डाइविंग सिस्टम और पानी के भीतर विभिन्न प्रकार के अभियानों में सहायता देने वाली तकनीक मौजूद है। इससे कठिन समुद्री परिस्थितियों में काम करने वाले गोताखोरों को लंबे समय तक सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी।
‘निपुण’ की एक अहम भूमिका सबमरीन रेस्क्यू ऑपरेशन में भी होगी। जहाज में डाइविंग, अंडरवाटर इंटरवेंशन और मेडिकल सपोर्ट के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा नेविगेशन, प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट और सटीक स्टेशन कीपिंग के लिए आधुनिक प्रणालियां मौजूद हैं।
इन क्षमताओं को एक साथ जोड़कर ‘निपुण’ को समुद्र की सतह के नीचे होने वाले जटिल अभियानों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म बनाया गया है। इसकी कमीशनिंग से भारतीय समुद्री क्षेत्रों में विशेष डाइविंग और अंडरवाटर मिशनों को अंजाम देने की नौसेना की क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
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नौसेना के कैप्टन विवेक मधवाल के अनुसार, जहाज पर मौजूद क्रेस्ट इसकी मुख्य भूमिका और गहरे समुद्र में डाइविंग से जुड़ी हिम्मत, धैर्य और पेशेवर दक्षता को दर्शाता है। इसमें बना आधुनिक डाइविंग हेलमेट जहाज के उन्नत डाइविंग सिस्टम और लाइफ-सपोर्ट क्षमताओं का प्रतीक है।
क्रेस्ट में व्हेल और डाइविंग हेलमेट का संयोजन ‘निपुण’ की भूमिका को दर्शाता है गोताखोरों को समुद्र की गहराई तक सुरक्षित पहुंचाना, वहां मिशन के दौरान उनका साथ देना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना। स्वदेशी जहाज का नौसेना में शामिल होना देश के बढ़ते शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम और रक्षा जरूरतों के लिए आधुनिक प्लेटफॉर्म तैयार करने की क्षमता को भी सामने लाता है।



