महंगाई बढ़ने पर जयराम रमेश का केंद्र पर हमला, आम आदमी के बजट का उठाया मुद्दा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जून में खुदरा महंगाई दर बढ़ने के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई से आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है, जबकि सरकार की नीतियों का लाभ बड़े उद्योगपतियों को मिल रहा है। उन्होंने संभावित ईएमआई बढ़ोतरी को लेकर भी चिंता जताई।
- जयराम रमेश ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।
- खुदरा महंगाई दर जून में बढ़कर 4.38 प्रतिशत पहुंची।
- ईएमआई और महंगाई से मध्यम वर्ग पर बढ़ते बोझ का मुद्दा उठाया।
Jairam Ramesh Targets Centre Over Rising Inflation: नई दिल्ली। जून महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़ने के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर आम लोगों और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है, जबकि आर्थिक नीतियों का फायदा बड़े उद्योगपतियों तक सीमित रह गया है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पिछले 12 वर्षों में महंगाई और बेरोजगारी ने आम परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। उन्होंने दावा किया कि रोजमर्रा के खर्च बढ़ने से लोगों का घरेलू बजट लगातार दबाव में है।
उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यदि ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है तो घर और वाहन ऋण की ईएमआई बढ़ सकती है, जिससे मध्यम वर्ग की वित्तीय चुनौतियां और बढ़ेंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि आर्थिक नीतियों का लाभ कुछ बड़े उद्योग समूहों तक ही क्यों सीमित दिखाई देता है, जबकि आम नागरिक महंगाई का बोझ उठाने को मजबूर हैं।
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रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को आम लोगों की बढ़ती आर्थिक परेशानियों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।
इस बीच, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जून में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38 प्रतिशत हो गई, जबकि मई में यह 3.93 प्रतिशत थी। यह दर भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से भी ऊपर पहुंच गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महंगाई बढ़ने की प्रमुख वजह खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी, व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पादों और आभूषणों की बढ़ती लागत रही। जून में खाद्य महंगाई दर 5.32 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में यह 5.45 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 5.09 प्रतिशत रही।



