मेट्टूर बांध से डेल्टा किसानों के लिए खुला पानी

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मेट्टूर बांध के गेट खोलकर कावेरी डेल्टा की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा। 1 सितंबर से 45 दिनों तक पानी देने की योजना है। शुरुआत में 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसे जरूरत के अनुसार बढ़ाकर 12,000 क्यूसेक प्रति सेकेंड तक किया जा सकता है।

  • मेट्टूर बांध: मुख्यमंत्री विजय ने डेल्टा सिंचाई के लिए बांध से पानी छोड़ा।
  • कावेरी डेल्टा: 12 जिलों की करीब 17.10 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलती है।
  • 45 दिन पानी: शुरुआत 5,000 क्यूसेक से, जरूरत के मुताबिक 12,000 क्यूसेक तक बढ़ाने की तैयारी।

Mettur Dam Water Released for Delta Irrigation : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को मेट्टूर बांध के गेट खोलकर कावेरी डेल्टा क्षेत्र की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा। इस मौके पर मुख्यमंत्री पारंपरिक रेशमी धोती और शर्ट में पहुंचे। स्थानीय स्तर पर उनका स्वागत ‘पोन्नी नदी के पुत्र’ की उपाधि के साथ किया गया।

चेन्नई से विशेष विमान के जरिए सुबह करीब 10:30 बजे सेलम पहुंचे विजय सड़क मार्ग से मेट्टूर पहुंचे। रास्ते में बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे और कई जगह फूल बरसाकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। उनके दौरे को देखते हुए हवाई अड्डे से मेट्टूर तक सड़क के दोनों ओर पार्टी के झंडे लगाए गए थे।

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मेट्टूर पहुंचने के बाद करीब 11:40 बजे मुख्यमंत्री ने विद्युत प्रणाली के जरिए बांध के ऊपरी स्तर के गेट संचालित किए और सिंचाई के लिए पानी छोड़ा। अधिकारियों के अनुसार पानी छोड़ने की शुरुआती दर 5,000 क्यूसेक प्रति सेकेंड रखी गई है। इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 12,000 क्यूसेक प्रति सेकेंड तक किए जाने की संभावना है। सरकार ने 1 सितंबर से 45 दिनों तक डेल्टा क्षेत्र के लिए पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।

पानी छोड़े जाने के बाद मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की ओर से लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का भी जायजा लिया। प्रदर्शनी में मेट्टूर बांध से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां और तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं। इसके बाद उन्होंने मेट्टूर बांध बिजलीघर का निरीक्षण किया।

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कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री सेलम के कामलापुरम हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए, जहां से वे विमान के जरिए चेन्नई लौटेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सेलम जिले में सुरक्षा के लिए 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

मेट्टूर बांध को कावेरी डेल्टा के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे सेलम, ईरोड, नमक्कल, करूर, तिरुचि, तंजावुर और तिरुवारूर समेत 12 जिलों में करीब 17.10 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलती है।

आमतौर पर बांध का जलस्तर 90 फीट से ऊपर होने और पर्याप्त पानी की आवक रहने पर हर साल 12 जून को डेल्टा सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है। हालांकि, इस वर्ष जल भंडारण कम रहने के कारण निर्धारित तारीख पर पानी नहीं छोड़ा जा सका था।

12 जून को बांध का जलस्तर करीब 79.56 फीट था और पानी की आवक केवल 540 क्यूसेक दर्ज की गई थी। इसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने का इंतजार करना पड़ा। इससे पहले भी 2011 से 2019 के बीच लगातार आठ वर्षों तक मेट्टूर बांध से निर्धारित समय के बाद पानी छोड़ा गया था।

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