नाना पाटेकर के निधन से शोक में डूबा सिनेमा जगत

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है। गोवा स्थित आवास पर 75 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों और राजनीतिक नेताओं ने गहरा दुख जताते हुए उनके अभिनय, सामाजिक सरोकारों और यादगार भूमिकाओं को श्रद्धांजलि दी।

  • नाना पाटेकर निधन: 75 साल की उम्र में गोवा में हुआ निधन।
  • नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि: कई मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने जताया शोक।
  • नाना पाटेकर का अभिनय: ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों की याद आई।

Nana Patekar Dies at 75, Tributes Pour In: भारतीय सिनेमा के दमदार अभिनेताओं में शुमार नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। रिपोर्टों के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट के बाद करीब 45 मिनट तक उन्हें सीपीआर दिया गया था।

नाना पाटेकर के जाने की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से भी श्रद्धांजलियों का सिलसिला शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए कहा कि उनका निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके प्रभावशाली अभिनय और दमदार संवाद अदायगी को याद किया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नाना पाटेकर के असाधारण हुनर और यादगार किरदारों को याद करते हुए उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं, डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने नाना पाटेकर को अभिनय और सामाजिक जागरूकता का बेहतरीन मेल बताया। उन्होंने ‘नटसम्राट’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय का जिक्र करते हुए उनके निधन को व्यक्तिगत रूप से भी बेहद दुखद बताया।

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भाजपा नेता जयवीर शेरगिल, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई अन्य नेताओं ने भी अभिनेता के निधन पर शोक जताया। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं रही। थिएटर से लेकर हिंदी और मराठी फिल्मों तक उन्होंने अपनी अलग अभिनय शैली और संवाद अदायगी से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग रंग देखने को मिले।

अभिनय के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। किसानों और ग्रामीण समुदायों से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता का कई नेताओं ने अपने शोक संदेशों में उल्लेख किया। ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए उनके सामाजिक काम को भी याद किया गया।

नाना पाटेकर का फिल्मी सफर कई दशकों तक चला। थिएटर से शुरुआत करने वाले इस अभिनेता ने गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक हर तरह के किरदारों में अपनी छाप छोड़ी। उन्हें पद्म श्री समेत कई बड़े सम्मान मिले और उनका अभिनय आज भी हिंदी व मराठी सिनेमा के यादगार अध्यायों में गिना जाता है।

उनके निधन से फिल्म जगत ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसकी आवाज, संवाद बोलने का अंदाज और पर्दे पर मौजूदगी को दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला जारी है।

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