पीआईबी भुवनेश्वर में मीडिया संवाद, डिजिटल दौर पर मंथन
केरलम, राजस्थान और पंजाब के प्रेस दलों ने पीआईबी भुवनेश्वर का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों और अधिकारियों के बीच डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता की विश्वसनीयता, नैतिक जिम्मेदारियों और बदलते समाचार उपभोग पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारिता को तकनीक के साथ कदम मिलाते हुए अपने मूल सिद्धांतों और भरोसे को बनाए रखना होगा।
- पीआईबी भुवनेश्वर में केरलम, राजस्थान और पंजाब के पत्रकारों का संवाद कार्यक्रम हुआ।
- डिजिटल पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव और बदलते मीडिया परिदृश्य पर चर्चा की गई।
- पत्रकारिता की विश्वसनीयता और नैतिकता को पहले से अधिक महत्वपूर्ण बताया गया।
दीपक मेहता
Media Interaction at PIB Bhubaneswar : भुवनेश्वर। भुवनेश्वर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में केरलम, राजस्थान और पंजाब से आए प्रेस दलों ने बदलते मीडिया माहौल को करीब से समझने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर पाया। कार्यक्रम में पत्र सूचना कार्यालय (PIB) और केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) के अधिकारियों के साथ पत्रकारिता के मौजूदा स्वरूप और डिजिटल बदलावों पर विस्तार से बातचीत हुई।

कार्यक्रम के दौरान ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल का भी उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के संवाद और यात्राएं अलग-अलग राज्यों के पत्रकारों को एक-दूसरे के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश को समझने का अवसर देती हैं। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता है और देश की विविधता के बीच आपसी समझ मजबूत होती है।

पीआईबी एवं सीबीसी, भुवनेश्वर के अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में डिजिटल युग में मीडिया के सामने आ रही चुनौतियों पर बात की। उन्होंने कहा कि समाचार देखने और पढ़ने का तरीका तेजी से बदल रहा है और सोशल मीडिया अब समाचार पहुंचाने का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है।

मिश्रा ने बताया कि करीब दो-तिहाई समाचार उपभोक्ता सोशल मीडिया फीड के जरिए खबरों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में पारंपरिक मीडिया और सोशल मीडिया के बीच बढ़ता तालमेल पत्रकारिता की कार्यशैली को भी प्रभावित कर रहा है। उनके मुताबिक तकनीक और नए प्लेटफॉर्म को अपनाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ पत्रकारिता के बुनियादी मूल्यों को सुरक्षित रखना भी उतना ही अहम है।

उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल दौर में खबर बनाने, रिपोर्ट करने, संपादित करने, वितरित करने और उसे पढ़ने वाले लोगों के बीच पहले जैसी स्पष्ट सीमाएं नहीं रह गई हैं। इस बदलाव के बीच पत्रकारिता की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। सही सूचना, तथ्यपरक रिपोर्टिंग, पेशेवर नैतिकता और पाठकों का भरोसा बनाए रखना मीडिया के लिए बड़ी प्राथमिकता है।
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कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न राज्यों से आए प्रेस दलों के स्वागत और प्रतिभागी पत्रकारों के परिचय से हुई। इसके बाद मीडिया क्षेत्र में हो रहे बदलावों और पत्रकारिता के नए आयामों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
धर्मेश भारती (डिप्टी डायरेक्टर, पीआईबी जयपुर) ने इस मौके अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का इससे बेहतर संगम कहाँ देखने को मिलेगा कि केरल से, पंजाब से, और हम राजस्थान से आज हम अब एक साथ है उड़ीसा में। यही है विविधता में भी एकता।

हमारा अनुभव यहां बेहतरीन रहा रहा, खास करके पुराना आर्किटेक्चरल वैल्यू जो यहां है और जिस तरीके से उसको मैनेज किया जा रहा है। हम कोणार्क गए, जो खूबसूरत उसमें नक्काशी थी और जिस तरीके से उसको बनाया गया है वह वाकई बेजोड़ है। मैं आप सभी का पत्र सूचना कार्यालय जयपुर की ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ। आप सब को राजस्थान आने के लिये आमंत्रित करता हूँ ‘पधारो म्हारे देस’।
इस मौके पर पीआईबी केरलम की उप निदेशक डॉ. अथिरा थंपी और पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह भी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के अंत में पत्रकारों और पीआईबी-सीबीसी अधिकारियों के बीच संवादात्मक सत्र आयोजित हुआ। इसमें समसामयिक मुद्दों, मीडिया में उभरते रुझानों और डिजिटल युग में पत्रकारों की बदलती भूमिका को लेकर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य की पत्रकारिता में विश्वसनीयता तथा जिम्मेदारी की भूमिका पर जोर दिया।



