मोदी का संदेश: सबसे बड़ा दान है जीवन बचाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को संस्कृत के एक सुभाषितम् के जरिए निडर होकर दान देने और दूसरों के जीवन की रक्षा करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के भय को दूर कर उसे सुरक्षा का भरोसा देना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने मानव जीवन की रक्षा को तीनों लोकों में सबसे बड़ा दान बताया।
- प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर संस्कृत का सुभाषितम् साझा किया।
- निडरता से दान और दूसरों को अभय देने को महान फलदायी बताया।
- जीवन बचाना यानी प्राणों की रक्षा को सबसे बड़ा दान बताया गया।
PM Modi Highlights Life-Saving as the Greatest Gift : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों को मानव जीवन की अहमियत और दूसरों की मदद करने का संदेश दिया। उन्होंने संस्कृत के एक सुभाषितम् को साझा करते हुए बताया कि किसी के डर को दूर कर उसे सुरक्षा देना अपने आप में बड़ा पुण्य है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “अभयस्यैव यो दाता तस्यैव सुमहत्फलम्। न हि प्राणसमं दानं त्रिषु लोकेषु विद्यते॥”
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इस सुभाषितम् का भावार्थ है कि जो व्यक्ति किसी दूसरे को भय से मुक्त कर अभय देता है, उसे महान फल प्राप्त होता है। साथ ही, तीनों लोकों में प्राणों की रक्षा से बढ़कर कोई दूसरा दान नहीं माना गया है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश में इंसानियत और जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भावना दिखाई देती है। संदेश का मूल भाव यही है कि जरूरत के समय किसी व्यक्ति की मदद करना और उसके जीवन की रक्षा करना सबसे मूल्यवान सेवा है।



