पीएम मोदी बोले- भारत का विकास तेज भी, टिकाऊ भी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर भारत के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहा है। विज्ञान भवन में एनजीटी के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण, हरित परिवहन और प्राकृतिक खेती समेत कई पहलों का उल्लेख किया।
- पीएम मोदी ने कहा कि भारत का विकास तेज होने के साथ टिकाऊ भी है।
- पर्यावरण संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और हरित परिवहन पर जोर दिया।
- जलवायु कार्रवाई में भारत की पारंपरिक सोच और आधुनिक तकनीक के मेल को रेखांकित किया।
PM Modi: India’s Growth Is Fast and Sustainable : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अपनी पारंपरिक पर्यावरणीय समझ को आधुनिक तकनीक और नीतियों के साथ जोड़कर जलवायु चुनौतियों से निपटने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि पर्यावरण के क्षेत्र में देश की उपलब्धियां केवल विकास के आंकड़े नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी दिखाती हैं।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ को संबोधित किया। सम्मेलन का आयोजन 19 और 20 सितंबर को किया जा रहा है, जिसमें 17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों के साथ पर्यावरण विशेषज्ञ और भारतीय न्यायपालिका से जुड़े लोग हिस्सा ले रहे हैं।
यह भी पढ़ें : रूस-ईरान पर अमेरिकी शिकंजा, ट्रंप ने 100% टैरिफ वाले कानून पर किए हस्ताक्षर
मोदी ने जलवायु बहस में विकसित और विकासशील देशों के बीच जिम्मेदारियों को लेकर चल रही चर्चा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम है और विकसित देशों में यह भारत की तुलना में कई गुना अधिक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक मंचों पर जलवायु न्याय और समान जिम्मेदारी के मुद्दे को लगातार सामने रखता रहा है। उनके अनुसार, पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है और भारत इसी सोच के साथ कई अंतरराष्ट्रीय पहलों को आगे बढ़ा रहा है।
यह भी पढ़ें : कैटरीना के समर्थन में उतरीं खुशबू सुंदर, ट्रोलिंग पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री ने भारत में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार को रेखांकित करते हुए सौर ऊर्जा क्षमता में हुई वृद्धि का जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों को भी सामने रखा।
उन्होंने कहा कि पवन ऊर्जा और जलविद्युत क्षमता में भी पिछले वर्षों में विस्तार हुआ है। गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ भारत कोयले के अधिक स्वच्छ उपयोग के लिए नई तकनीकों और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रहा है।
हरित परिवहन का जिक्र करते हुए मोदी ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार और रेलवे के विद्युतीकरण को पर्यावरण के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छ परिवहन के साथ हरित हाइड्रोजन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।



