रबी सीजन 2026-27: सरकार ने तय किया नया लक्ष्य

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी सीजन 2026-27 की तैयारियों को लेकर राज्यों से स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर वैज्ञानिक योजना बनाने को कहा है। मंत्रालय ने रबी उत्पादन का लक्ष्य 177.72 मिलियन टन तय किया है। सरकार ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा करते हुए पानी और मिट्टी की नमी के अनुसार फसल चयन पर जोर दिया है।

  • 🌾 रबी सीजन 2026-27: सरकार ने 177.72 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य रखा।
  • 💧 पानी और मिट्टी: स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल योजना बनाने पर जोर।
  • 🧪 खाद उपलब्धता: सरकार ने रबी बुआई के लिए पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही।

Rabi Season 2026-27: Government Sets 177.72 MT Target : नई दिल्ली: रबी सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने कृषि उत्पादन की तैयारी तेज कर दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से कहा है कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फसलों की योजना बनाई जाए। सरकार ने आगामी रबी सीजन के लिए 177.72 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

रबी की तैयारियों को लेकर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में चौहान ने कहा कि इस बार फसल योजना बनाते समय हाल में समाप्त हुए खरीफ सीजन के अनुभवों को भी ध्यान में रखना होगा। उनके मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश और मौसम का पैटर्न बदल रहा है और इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तरह से दिखाई दे रहा है।

कृषि मंत्री ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई इलाकों में बारिश सामान्य से कम रही। उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में बारिश की कमी करीब 12 प्रतिशत है। 24-25 सितंबर के आसपास यह कमी करीब 14 प्रतिशत थी, लेकिन इसके बाद हुई बारिश से स्थिति में कुछ सुधार आया।

हालांकि, बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हुई तो कुछ जगहों पर सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। ऐसे में केंद्र ने राज्यों के साथ मिलकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार रबी फसलों की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया है।

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चौहान ने कहा कि जिन इलाकों में पानी सीमित है, सिंचाई की सुविधा कम है या मिट्टी में नमी पर्याप्त नहीं है, वहां अधिक पानी की जरूरत वाली फसलों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बजाय उपलब्ध पानी और मिट्टी की स्थिति को देखते हुए फसल का चयन करने की योजना बनाई जा रही है।

इसका मतलब यह है कि पूरे देश के लिए एक जैसी फसल रणनीति अपनाने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों के लिए स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर उत्पादन लक्ष्य और फसल योजना तैयार की जाएगी। सरकार के मुताबिक, जलाशयों में पानी, भूजल स्तर और मिट्टी की नमी जैसे कारकों को योजना में शामिल किया जा रहा है।

रबी बुआई के लिए खाद को लेकर क्या बोले चौहान?

शिवराज सिंह चौहान ने रबी सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता को लेकर कहा कि देश में इसकी कमी नहीं है और किसानों की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त आपूर्ति बनी रहेगी। राज्यों से मिली मांग को ध्यान में रखकर 2026-27 की तैयारी की गई है।

उन्होंने खाद के संतुलित इस्तेमाल पर भी जोर दिया। कृषि मंत्री के अनुसार, अलग-अलग राज्यों के दो जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के जरिए मिट्टी की स्थिति और पोषक तत्वों की उपलब्धता का आकलन किया गया। इसके आधार पर किसानों को फसल के अनुसार खाद की मात्रा इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।

राज्यों ने कितनी खाद मांगी?

2026-27 के रबी सीजन के लिए राज्यों ने DAP, यूरिया, NPK और अन्य खादों समेत करीब 380 लाख मीट्रिक टन की मांग रखी है। सरकार के मुताबिक, इस जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में फिलहाल 163 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का स्टॉक है। पिछले साल रबी सीजन की शुरुआत में यह स्टॉक करीब 122 लाख मीट्रिक टन था।

खरीफ क्षेत्र में भी दिखा असर

कम बारिश और मौसम की परिस्थितियों का असर खरीफ फसलों के क्षेत्र पर भी पड़ा है। कुल बुवाई क्षेत्र में करीब 1 प्रतिशत की मामूली कमी बताई गई है। सबसे ज्यादा कमी धान के क्षेत्र में रही, जिसमें करीब 16.32 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई। मक्का, सोयाबीन और कपास के क्षेत्र में भी कुछ कमी आई है।

22 अक्टूबर से ‘खेत बचाओ अभियान’

कृषि मंत्रालय 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक ‘सेव द फार्म’ यानी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाने की तैयारी में है। इस अभियान के दौरान वैज्ञानिक किसानों के बीच जाकर उन्हें खेती से जुड़े वैज्ञानिक तरीकों और बदलती मौसम परिस्थितियों के बारे में जानकारी देंगे।

पिछले साल से कितना बड़ा लक्ष्य?

2025-26 के लिए देश में कुल अनाज उत्पादन का लक्ष्य 362.60 मिलियन टन रखा गया था, जबकि किसानों ने 376.56 मिलियन टन का उत्पादन किया। अब 2026-27 के लिए कुल राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य 373.93 मिलियन टन तय किया गया है।

इसमें अकेले रबी सीजन का लक्ष्य 177.72 मिलियन टन है। सरकार ने यह लक्ष्य मौसम संबंधी परिस्थितियों, पानी की उपलब्धता, मिट्टी की नमी और संभावित अल-नीनो प्रभाव के वैज्ञानिक आकलन को ध्यान में रखते हुए तय करने की बात कही है।

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