राजनाथ सिंह ने जारी किया ‘रक्षा’ दस्तावेज, 10 साल का डिफेंस रोडमैप
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में ‘रक्षा’ नाम से डिफेंस डिप्लोमेसी दस्तावेज जारी किया। इसमें अगले 10 वर्षों के लिए भारत की वैश्विक रक्षा साझेदारी का विजन और रणनीतिक रोडमैप पेश किया गया है। दस्तावेज में रणनीतिक सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा निर्माण को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
- राजनाथ सिंह ने ‘रक्षा’ दस्तावेज जारी कर ग्लोबल डिफेंस पार्टनरशिप का रोडमैप पेश किया।
- डिफेंस डिप्लोमेसी में रणनीतिक साझेदारी, सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने पर जोर।
- मेक इन इंडिया डिफेंस और हिंद महासागर में भारत की भूमिका मजबूत करने का लक्ष्य।
Rajnath Singh Unveils ‘Raksha’ Document for 10-Year Defence Diplomacy Roadmap : नई दिल्ली में गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस डिप्लोमेसी पर तैयार किए गए ‘रक्षा’ दस्तावेज को जारी किया। यह दस्तावेज अगले एक दशक में भारत की वैश्विक रक्षा साझेदारी की दिशा तय करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें बदलते अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा माहौल के बीच भारत के रणनीतिक जुड़ाव को और मजबूत करने की रूपरेखा दी गई है।
दस्तावेज में मित्र देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत रणनीतिक साझेदारियों के विस्तार के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और रक्षा क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया है।
भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना भी इस रोडमैप का अहम हिस्सा है। इसके लिए मेक इन इंडिया के तहत विकसित रक्षा प्लेटफॉर्म और क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में काम करने की बात कही गई है।
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दस्तावेज में समुद्री सुरक्षा को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। इसमें हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को एक सुरक्षा प्रदाता और प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता के तौर पर और मजबूत करने की रणनीति बताई गई है। क्षेत्र में सहयोगी देशों के साथ सुरक्षा समन्वय बढ़ाने को भारत की व्यापक रक्षा कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
सरकार के मुताबिक, रक्षा कूटनीति भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। ‘रक्षा’ दस्तावेज इसी सोच को अगले दशक के लिए अधिक स्पष्ट और क्रियान्वयन योग्य दिशा देने की कोशिश है। इसका उद्देश्य भारत को बदलते वैश्विक माहौल में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने वाले प्रमुख साझेदार के रूप में स्थापित करना है।
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दस्तावेज जारी किए जाने के मौके पर रक्षा और विदेश नीति से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) रुद्रेन्द्र टंडन शामिल थे।
कार्यक्रम में उप वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर और चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन एयर मार्शल तेजिंदर सिंह सहित रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।



