सत्य निकेतन हादसे में मौत का आंकड़ा 6, रेस्क्यू जारी
सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे से अब तक छह लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। घटनास्थल पर पुलिस, एनडीआरएफ, दमकल और आपदा प्रबंधन की टीमें जुटी हैं।
- सत्य निकेतन इमारत हादसे में मृतकों की संख्या 6 हुई।
- रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 11 लोगों को बचाया गया।
- सत्य निकेतन हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, मालिक पर FIR।
Saty Niketan Building Collapse: Death Toll Rises to 6MM: नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। रातभर चले बचाव अभियान के दौरान सुरक्षा टीमों ने मलबे से एक और व्यक्ति का शव बरामद किया। वहीं, 11 लोगों को अब तक सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। मलबा हटाने का काम लगातार चल रहा है और आशंका है कि कुछ लोग अभी भी उसके नीचे फंसे हो सकते हैं।
सोमवार सुबह भी दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें मौके पर मौजूद हैं। बचावकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, फंसे लोगों में बड़ी संख्या छात्रों की हो सकती है।
यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था। बताया गया कि उस समय इमारत के तहखाने में मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती तौर पर भारी बारिश को भी इमारत गिरने की संभावित वजहों में शामिल किया जा रहा है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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करीब 40 से 50 साल पुरानी इस इमारत में बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के रूप में किया जा रहा था। यहां रहने वाले कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में पढ़ाई करते थे। पुलिस के मुताबिक, परिसर में करीब 40 लोगों के रहने के लिए कमरे बनाए गए थे।



