पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को रोके जाने पर सिरसा नाराज, बताया आस्था पर हमला
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वाले पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर रोके जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था और भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए पाकिस्तान सरकार से श्रद्धालुओं को बिना देरी भारत आने की अनुमति देने की मांग की। सिरसा ने एनओसी के नाम पर रोके जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
- पाकिस्तानी सिख श्रद्धालु: फैसलाबाद एयरपोर्ट पर रोके जाने को लेकर सिरसा ने आपत्ति जताई।
- मनजिंदर सिंह सिरसा: उन्होंने इसे सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं पर प्रहार बताया।
- श्री हेमकुंड साहिब: सिरसा ने श्रद्धालुओं को यात्रा पूरी करने की अनुमति देने की मांग की।
Sirsa Objects to Sikh Pilgrims Being Stopped : मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए भारत आने वाले पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर एनओसी के मुद्दे का हवाला देकर रोका गया।
सिरसा ने कहा कि अपने गुरु के दरबार में माथा टेकने के लिए यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को इस तरह रोकना उनकी धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
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सिरसा ने पाकिस्तान सरकार से सभी प्रभावित श्रद्धालुओं को बिना किसी देरी के भारत आने की अनुमति देने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को श्री हेमकुंड साहिब पहुंचकर अरदास और मत्था टेकने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में पाकिस्तान सरकार पर अल्पसंख्यकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, ये आरोप सिरसा के बयान के रूप में हैं।
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सिरसा ने कहा कि इस तरह की रुकावटों से सिख समुदाय की आस्था कमजोर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा के रास्ते में अड़चन डालने से श्रद्धालुओं की श्रद्धा को रोका नहीं जा सकता।
उन्होंने पाकिस्तान सरकार से इस मामले में माफी मांगने की मांग भी की। सिरसा ने कहा कि धर्म की राह में खड़ी की गई रुकावटें आस्था को रोक नहीं सकतीं और सिख संगत इस घटना को याद रखेगी।



