परिसीमन से नदी जल तक, विजय ने उठाए ये बड़े मुद्दे
महाबलीपुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने वित्तीय संघवाद, नदी जल अधिकार, परिसीमन, मादक पदार्थों की रोकथाम और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने दक्षिणी राज्यों के आर्थिक योगदान को देखते हुए समान वित्तीय हिस्सेदारी और संसद में प्रतिनिधित्व को लेकर स्पष्ट आश्वासन की मांग की।
- मुख्यमंत्री विजय ने वित्तीय संघवाद और राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाया।
- नदी जल अधिकार और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के फैसलों को समय पर लागू करने की मांग की।
- परिसीमन को लेकर कहा कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले दक्षिणी राज्यों को प्रतिनिधित्व में नुकसान नहीं होना चाहिए।
Vijay Raises Key Issues at Southern Zonal Council Meeting : तमिलनाडु के महाबलीपुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में राज्यों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दक्षिण भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने वित्तीय संघवाद से लेकर नदी जल, परिसीमन और नशे की तस्करी तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
विजय ने कहा कि दक्षिणी राज्य देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और मिलकर भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं। ऐसे में उन्होंने वित्तीय संसाधनों के बंटवारे में राज्यों के हितों का ध्यान रखने की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण, मानव संसाधन विकास और वित्तीय अनुशासन जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को इसका नुकसान नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य कोई विशेष रियायत नहीं मांग रहे हैं, बल्कि उचित और समान वित्तीय हिस्सेदारी चाहते हैं।
जीएसटी के बाद राज्यों के पास राजस्व जुटाने के सीमित विकल्पों का मुद्दा भी विजय ने उठाया। उन्होंने कर दरों से जुड़े फैसलों में राज्यों को उचित वित्तीय लचीलापन दिए जाने की मांग की।
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विजय ने नदी जल विवादों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि निचले राज्यों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय, जल विवाद न्यायाधिकरणों और अन्य वैधानिक संस्थाओं के फैसलों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेशों के समय पर पालन और मुल्लापेरियार बांध से जुड़े न्यायालय के निर्देश का भी उन्होंने उल्लेख किया।
परिसीमन को लेकर विजय ने कहा कि यदि लोकसभा क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है, तो जनसंख्या नियंत्रण में सफल दक्षिणी राज्यों को संसद में प्रतिनिधित्व के मामले में नुकसान हो सकता है। उन्होंने केंद्र से कानूनी आश्वासन की मांग की कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने के कारण किसी राज्य की राजनीतिक हिस्सेदारी कम नहीं की जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने दक्षिणी राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने ऑनलाइन बिक्री, अवैध वितरण और अंतरराज्यीय तस्करी के जरिए युवाओं तक पहुंच रहे नशीले पदार्थों पर रोक के लिए राज्यों के बीच बेहतर खुफिया समन्वय और संयुक्त कार्रवाई की जरूरत बताई। उनका जोर केवल तमिलनाडु नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण भारत को नशामुक्त बनाने पर रहा।
इसके अलावा विजय ने राज्यों की सीमाओं से आगे साझा औद्योगिक और माल परिवहन केंद्र विकसित करने की मांग की। उन्होंने उत्पादन केंद्रों को बंदरगाहों से जोड़ने वाले औद्योगिक गलियारों और बेंगलुरु के बोम्मसंद्रा से होसुर तक मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना में तेजी लाने की बात भी कही।



