शी जिनपिंग आएंगे दिल्ली, मोदी से होगी अहम मुलाकात
भारत की मेजबानी में 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल होंगे। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। बैठक में भारत-चीन संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा के साथ कुछ अहम समझौतों की उम्मीद जताई जा रही है।
- शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
- प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति के बीच शनिवार को द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है।
- नई दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य, साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता जुटेंगे।
Xi Jinping to Visit Delhi for BRICS Summit : भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज हैं। इसी सिलसिले में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे। चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए उनके भारत दौरे की पुष्टि की।
सूत्रों के मुताबिक, शी जिनपिंग शनिवार तड़के पालम स्थित तकनीकी हवाईअड्डे पर पहुंच सकते हैं। उनके साथ चीन का एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आने की संभावना है। दिल्ली पहुंचने के बाद उनकी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
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भारत और चीन के बीच यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देश वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच आर्थिक और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की बातचीत में व्यापार समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हो सकते हैं। कुछ समझौतों पर सहमति बनने की भी उम्मीद है।
ब्रिक्स सम्मेलन की बात करें तो भारत इस वर्ष संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों के साथ साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता भी हिस्सा लेंगे।
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चीन ब्रिक्स के प्रमुख सदस्य देशों में शामिल है। यह समूह उभरती अर्थव्यवस्थाओं को व्यापार, विकास वित्त और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर साझा पहल का मंच उपलब्ध कराता है। सम्मेलन में पश्चिमी देशों के प्रभुत्व वाले मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विकल्प और वैश्विक सहयोग के नए रास्तों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है। इससे पहले वह 2012, 2016 और 2021 में संगठन की अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। इस वर्ष ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं, जिससे मौजूदा अध्यक्षता और शिखर सम्मेलन को विशेष महत्व मिल गया है।
इस बीच रूस के राष्ट्रपति भी भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनके गुरुवार देर रात नई दिल्ली पहुंचने की संभावना है और शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी वार्षिक शिखर बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में अगले दो दिन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



