उद्योगों की मांग के अनुरूप स्किल तैयार करें : हुसैन

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राजस्थान स्किल को प्रभावी बनायेगा संकल्प

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित स्किल डवलपमेंट कार्यक्रमों में वर्तमान समय में उधोगों की स्किल मांग को ध्यान में रखते हुए स्किल विकसित करे, जिससे प्रशिक्षण लेते ही युवाओं को रोजगार मिल सके।

जिला कलक्टर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में राजस्थान स्किल डवलपमेंट कमेटी संकल्प की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को हुनरमंद बनाना है, जिससे वे अपने पैरों पर खड़े हो सके। उन्होंने कहा कि जिले में जो प्रशिक्षण केन्द्र चल रहे है, उनका निरीक्षण करें। प्रशिक्षण केन्द्र नियमित रूप से चले तथा युवाओं को अच्छा प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनायें।

जिला कलक्टर ने राजस्थान स्किल एवं महिला अधिकारिता विभाग द्वारा कोविड के दौरान लॉकडाउन में ऑनलाईन प्रतियोगिता करवाई थी, जिसमें प्रथम रीना, द्वितीय अंजु तथा तृतीय सीमा को पुरस्कृत किया गया। जिला कलक्टर श्री हुसैन ने जिन युवाओं ने विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है, उन्हें स्किल किट प्रदान की गई। बैठक में अमरजीत कौर, मैना तथा गुरप्रीत ने विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर अपने स्वयं का रोजगार प्रारम्भ किया है। इन्होंने अपने रोजगार तथा प्रतिमाह होने वाली आय की जानकारी व अनुभव सांझा की।

डिस्ट्रिक लेवल कमेटी एवं संकल्प की जिला कोर्डिनेटर श्रीमती सेतु परमार ने बताया कि स्किल मंत्रालय भारत सरकार की और से संकल्प कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। इसका उद्देश्य केन्द्र, राज्य व जिला स्तर पर समन्वय बनाकर बेहतरीन स्किल विकसित करना है। जिला स्तर पर जो प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता में सुधार करना है। श्रीमती सेतु ने बताया कि जिले में ओद्यौगिक क्षेत्रों द्वारा किस प्रकार के स्किल की मांग है, उसी के अनुरूप ट्रेड तैयार करना व युवाओं को प्रशिक्षण देकर आधुनिक उधोगों को स्किल प्रदान करना है।

आरएसएलडीसी की जिला समन्वयक श्रीमती शिक्षा मुंजाल ने बताया कि सरकार द्वारा जो स्किल के प्रोग्राम चलाये जा रहे है, वे इस वर्ष तक ही है। आगामी वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना राजविक तथा मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि राजविक में कृषि, उधान, पशुपालन, ऑटोरिपेयर, बाम्बू फेब्रिकेशन, ब्यूटी कल्चर, कारपेट, बिजली, इलेक्ट्रानिक, फैशन डिजाईन, फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट मेकिंग, हेंडीक्राफ्ट, होस्पिटीलिटी, इंडियन कल्चर, इंफारमेशन एण्ड कम्युनिकेशन, मेडिकल एण्ड नर्सिगं, निर्माण, पेंट, खिलौने बनाना तथा मल्टी स्किल के प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी।

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में सक्षम व समर्थ के रूप में अलग-अलग प्रशिक्षण के व्यवस्था है। प्रशिक्षण की पात्रता 15 से 45 वर्ष रहेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में भी 34 सेक्टर में 333 कोर्स सम्मिलित किये गये है। इस योजना में राजस्थान को 4 हजार 348 का लक्ष्य दिया गया है।

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