पायलट खेमे को राहत : हाईकोर्ट ने कहा-अब सुप्रीम कोर्ट में तय होगा मामला

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स्पीकर अभी बागी विधायकों पर कार्रवाई नहीं कर सकेंगे

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट से पायलट खेमे को राहत मिल गई है। अयोग्यता नोटिस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि स्पीकर अभी बागी विधायकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। पहले का फैसला लागू रहेगा। इसका मतलब है कि स्पीकर सीपी जोशी पायलट समेत 19 विधायकों को अयोग्य घोषित नहीं कर सकते। अब पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में तय होगा, क्योंकि स्पीकर ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सोमावार को सुनवाई करेगा।

दरअसल,अयोग्यता नोटिस पर 21 जुलाई को हाईकोर्ट ने अपना फैसला 24 जुलाई तक सुरक्षित रख लिया था। स्पीकर जोशी को कहा था कि वे तब तक इन विधायकों के खिलाफ कोई कार्यवाही न करें। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर को राहत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाईकोर्ट फैसला दे सकता है। लेकिन, यह फैसला इस बात पर निर्भर रहेगा कि स्पीकर की याचिका पर भविष्य में सुप्रीम कोर्ट क्या रुख अपनाता है।

सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई सोमवार को

स्पीकर की दलील थी कि हाईकोर्ट उन्हें अयोग्यता कार्यवाही करने से नहीं रोक सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा लोकतंत्र में असहमति के स्वर दबाए नहीं जा सकते। असंतुष्ट विधायक भी जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। क्या वे असहमति व्यक्त नहीं कर सकते? ऐसे तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय की है।

इन विधायकों को नोटिस दिया गया

सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पीआर मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावडिय़ा, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत।