असम प्रीमियर लीग ने दिखाई स्थानीय क्रिकेट की ताकत

असम प्रीमियर लीग के पहले सत्र ने राज्य के युवा क्रिकेटरों को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का बड़ा मंच दिया। बरपेटा ब्रेव्स ने फाइनल में गुवाहाटी रॉयल्स को हराकर खिताब जीता। करीब 150 खिलाड़ियों, 25 हजार से अधिक दर्शकों और बड़ी डिजिटल पहुंच ने लीग की मजबूत शुरुआत को रेखांकित किया, जबकि प्रतिभा खोजकर्ताओं की मौजूदगी ने खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने की उम्मीद बढ़ाई।

  • असम प्रीमियर लीग: पहले सत्र में बरपेटा ब्रेव्स ने गुवाहाटी रॉयल्स को हराकर खिताब जीता।
  • स्थानीय प्रतिभा: डेनिश दास समेत कई युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई।
  • क्षेत्रीय क्रिकेट: करीब 150 खिलाड़ियों को मंच मिला और फाइनल में 25 हजार से ज्यादा दर्शक पहुंचे।

Assam Premier League Boosts Regional Cricket Talent : असम प्रीमियर लीग के पहले सत्र ने राज्य में क्रिकेट की नई संभावनाओं को सामने रखा। रविवार को खेले गए फाइनल में बरपेटा ब्रेव्स ने गुवाहाटी रॉयल्स को पांच विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। लेकिन इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ चैंपियन तय होना नहीं, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को मिला नियमित और प्रतिस्पर्धी मंच रहा।

लीग में असम की आठ टीमों के करीब 150 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। युवा क्रिकेटरों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिला और कई खिलाड़ियों ने इस अवसर को यादगार बनाया। डेनिश दास का प्रदर्शन खास रहा। टूर्नामेंट में शतक लगाने के बाद उन्हें दलीप ट्रॉफी टीम में जगह मिली। रोहित सेन, बस्तब रॉय, शुभम कुमार गुप्ता और आयुष्मान मलाकर ने भी अपने खेल से प्रभावित किया।

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लीग की लोकप्रियता का अंदाजा फाइनल में उमड़ी भीड़ से लगाया जा सकता है। मुकाबला देखने के लिए 25 हजार से ज्यादा दर्शक स्टेडियम पहुंचे। पूरे टूर्नामेंट में बड़े स्कोर, 200 से अधिक रन के सफल लक्ष्य का पीछा और आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखी।

युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सिर्फ दर्शकों की नजर नहीं थी। आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के प्रतिभा खोजकर्ता भी मुकाबलों के दौरान मौजूद रहे। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में बड़े स्तर पर अवसर मिलने की उम्मीद मजबूत हुई। बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास की मौजूदगी ने भी प्रतियोगिता के प्रति बढ़ते ध्यान को दिखाया।

असम क्रिकेट संघ के अध्यक्ष तरंगा गोगोई ने लीग को राज्य में क्रिकेट के विकास के लिए अहम बताया। उनका कहना है कि असम के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद प्रतिभाओं को लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का अवसर मिलना जरूरी है। इसी तरह के मंच खिलाड़ियों को अनुभव के साथ आत्मविश्वास भी देते हैं।

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डिजिटल स्तर पर भी लीग ने अच्छी शुरुआत की। टूर्नामेंट से जुड़े कंटेंट को सोशल मीडिया पर 10 करोड़ से अधिक ऑर्गेनिक व्यूज मिले। यह पहुंच बिना बड़े मीडिया खर्च, इन्फ्लुएंसर अभियान या पहले से लोकप्रिय खिलाड़ियों की बड़ी सोशल मीडिया फॉलोइंग पर निर्भर हुए हासिल हुई।

व्यावसायिक तौर पर भी पहले सत्र में 14 प्रायोजक और साझेदार लीग से जुड़े। टीसीएम स्पोर्ट्स के प्रबंध निदेशक लोकेश शर्मा ने कहा कि लीग ने असम के लोगों को अपनी घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता से जुड़ने का मौका दिया और युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता बनाया।

टीसीएम स्पोर्ट्स असम के अलावा तेलंगाना में टीजी-20 और कर्नाटक में महाराजा ट्रॉफी जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए क्षेत्रीय क्रिकेट ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रहा है। ऐसे टूर्नामेंटों से स्थानीय खिलाड़ियों को नियमित मुकाबले मिलते हैं और उनमें से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बड़े मंच तक पहुंचने की संभावना बढ़ती है।

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