अफगान महिला क्रिकेटर्स को ICC का बड़ा सहारा, 2030 तक तैयार होगा नया रोडमैप
आईसीसी ने अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स के लिए डेवलपमेंट पाथवे प्रोग्राम जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स का विस्तार कर 2030 तक खिलाड़ियों को आईसीसी क्वालिफिकेशन पाथवे से जोड़ने के लिए नई रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी अवसर उपलब्ध कराना है।
- आईसीसी ने अफगान महिला क्रिकेटर्स का डेवलपमेंट प्रोग्राम जारी रखा।
- 2030 रोडमैप तैयार करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का पुनर्गठन।
- खिलाड़ियों को कोचिंग, ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के अधिक अवसर मिलेंगे।
ICC Extends Development Program for Afghan Women Cricketers: दुबई। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर्स के विकास के लिए चल रहे डेवलपमेंट पाथवे प्रोग्राम को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही बोर्ड ने एक नई रणनीति के तहत स्पेशल टास्क फोर्स को 2030 तक खिलाड़ियों को आईसीसी क्वालिफिकेशन पाथवे से जोड़ने का रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
एडिनबर्ग में हुई आईसीसी बोर्ड की वार्षिक बैठक में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर डॉ. रोज रिवाज और आईसीसी मुख्य कार्यकारी समिति की सदस्य सारा कीन को भी स्पेशल टास्क फोर्स में शामिल करने को मंजूरी दी गई। वे अब बीसीसीआई, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस पहल को आगे बढ़ाएंगी।
आईसीसी के अनुसार, टास्क फोर्स का लक्ष्य खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था, अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबले और व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। साथ ही ऐसा संतुलित ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास लगातार होता रहे।
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डॉ. रोज रिवाज ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स एक दीर्घकालिक और टिकाऊ योजना तैयार करेगी, जिसमें संरचित कोचिंग, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और नियमित प्रतिस्पर्धी अवसरों के जरिए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। उनके मुताबिक यह कार्यक्रम खेल के माध्यम से नए अवसर उपलब्ध कराने की आईसीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रोग्राम के तहत खिलाड़ियों को उनके निवास वाले देशों में क्रिकेट कोच, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग (S&C) विशेषज्ञ और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं मिलती रहेंगी। इसके अलावा समय के साथ उन्हें अधिक मैच खेलने और अपनी क्षमता निखारने के अवसर भी दिए जाएंगे।
वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में रह रही अफगान महिला क्रिकेटर्स को स्थानीय क्रिकेट संरचना से जोड़ा गया है, जहां वे नियमित ट्रेनिंग और प्रतिस्पर्धी मैचों में हिस्सा ले रही हैं। आईसीसी आगे भी समूह प्रशिक्षण शिविर और सामूहिक मुकाबलों का आयोजन करेगा। पिछले एक वर्ष में भारत और इंग्लैंड में आयोजित ऐसे कार्यक्रमों की तर्ज पर भविष्य में भी रणनीतिक रूप से चुनी गई टीमों के खिलाफ मुकाबले कराए जाएंगे, ताकि 2030 तक खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्वालिफिकेशन प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके।



