भारत फिर बना एशिया का चैंपियन
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने आठवीं बार यह खिताब जीता। इस जीत के साथ टीम ने पिछले संस्करण के फाइनल में श्रीलंका के हाथों मिली हार का बदला भी चुकता कर दिया।
- महिला एशिया कप 2026: भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया
- भारत की आठवीं जीत: टीम ने रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप खिताब जीता
- स्मृति-शेफाली की साझेदारी: दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन जोड़े
India Win Eighth Women’s Asia Cup: दुबई में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 183 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंकाई टीम 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय गेंदबाजों के सामने लगातार दबाव में रही और 72 रन से मुकाबला गंवा बैठी।
भारत की पारी की सबसे बड़ी कहानी सलामी जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन की साझेदारी कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रन बनाए, जबकि शेफाली वर्मा ने इतने ही गेंदों पर 68 रन की तेजतर्रार पारी खेली।
पावरप्ले से ही दोनों बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। मंधाना और शेफाली ने अपने-अपने अर्धशतक पूरे किए और भारत को बड़े स्कोर की ओर तेजी से बढ़ाया। बाद में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 14 रन और ऋचा घोष ने 17 रन जोड़कर टीम के स्कोर को 183 रन तक पहुंचाने में योगदान दिया।
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लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत भारत जैसी प्रभावी नहीं रही। कप्तान चमारी आटापट्टू ने 36 रन बनाकर कुछ देर तक पारी संभालने की कोशिश की। नीलाक्षीका सिल्वा ने 22 और विष्मी गुनारत्ने ने 20 रन बनाए, लेकिन टीम लक्ष्य तक पहुंचने की स्थिति में नहीं आ सकी।
भारत की गेंदबाजी में श्री चरणी ने सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने चार विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया। दीप्ति शर्मा ने भी तीन विकेट अपने नाम किए और श्रीलंका के रन चेज को पूरी तरह पटरी से उतार दिया।
इस खिताबी जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने महिला एशिया कप में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। भारत ने 2004 में टूर्नामेंट के पहले संस्करण में भी खिताब जीता था। वहीं, पिछले संस्करण के फाइनल में श्रीलंका ने भारत को हराकर पहली बार ट्रॉफी पर कब्जा किया था। इस बार भारतीय टीम ने उसी हार का जवाब खिताब जीतकर दिया।



