ब्रेक के बाद लय बिगड़ी, सिराज ने बताई वजह
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के लिए खेलते हुए मोहम्मद सिराज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। मैच के बाद भारतीय तेज गेंदबाज ने अपनी गेंदबाजी में आई गिरावट की वजह दो महीने का ब्रेक बताया। सिराज के मुताबिक लंबे अंतराल के बाद उनकी रन-अप और गेंदबाजी की लय प्रभावित हुई, जिसका सीधा असर उनकी गति और प्रदर्शन पर पड़ा।
- मोहम्मद सिराज ने दो महीने के ब्रेक को बताया बड़ी वजह
- दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में सिराज को मिला सिर्फ 1 विकेट
- सिराज की गेंदबाजी में दूसरी पारी में लौटी पुरानी लय
Siraj Explains His Bowling Struggle: दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन को ईस्ट जोन के हाथों हार का सामना करना पड़ा। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में साउथ जोन की ओर से भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भी मैदान पर उतरे, लेकिन उनका प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
सिराज ने पूरे मैच में 41 ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ एक विकेट हासिल किया। इस दौरान उन्होंने 187 रन खर्च किए। उनकी गेंदों की रफ्तार भी आमतौर पर दिखने वाली गति से कम रही और वह करीब 125-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते नजर आए।
मैच के बाद सिराज ने अपने प्रदर्शन को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह ऐसे गेंदबाज हैं, जिनके लिए रिदम बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे ब्रेक के बाद उनकी रन-अप में वह सहजता नहीं रही, जो तेज गेंदबाजी के लिए जरूरी होती है।
सिराज के मुताबिक श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी यही समस्या देखने को मिली थी। उन्होंने बताया कि रन-अप के दौरान कुछ स्ट्राइड छोटी और कुछ ज्यादा लंबी हो रही थीं। इससे उनका फ्लो टूट गया और गेंदबाजी की गति पर भी असर पड़ा।
भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा कि उनके शरीर को लंबे ब्रेक के बाद तुरंत पुरानी लय हासिल करने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि अपने करीब दस साल के करियर में उन्होंने पहले कभी लगातार दो महीने का ब्रेक नहीं लिया था।
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सिराज ने इस दौरान फिटनेस पर काम किया और जिम में ट्रेनिंग के साथ कभी-कभी गेंदबाजी का अभ्यास भी किया, लेकिन उनका मानना है कि मैच जैसी परिस्थितियों में अभ्यास की बराबरी नहीं हो सकती। उनके लिए यह अनुभव आगे के करियर में काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
श्रीलंका से सीधे चेन्नई पहुंचने के बाद परिस्थितियां भी आसान नहीं थीं। सिराज ने बताया कि श्रीलंका के दूसरे टेस्ट में टीम ने करीब साढ़े तीन दिन फील्डिंग की थी और उसके लगभग एक सप्ताह बाद चेन्नई की तेज गर्मी में दलीप ट्रॉफी का मुकाबला खेलना पड़ा।
हालांकि, सिराज ने इसे किसी तरह का बहाना बनाने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करता है तो उसे परिस्थितियों की परवाह किए बिना टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करनी होती है।
फाइनल की दूसरी पारी में सिराज की गेंदबाजी पहली पारी के मुकाबले बेहतर नजर आई। उन्होंने बताया कि पहली पारी में वह पिच से मदद मिलने की उम्मीद में जरूरत से ज्यादा तेज गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहे थे। इससे उनकी रिदम और बिगड़ गई।
दूसरी पारी में उन्होंने अपना नजरिया बदला। सिराज ने कहा कि उन्होंने परिणाम के बारे में सोचना छोड़कर सिर्फ अच्छी लय में गेंदबाजी करने पर ध्यान दिया। इसके बाद उन्हें लगा कि उनकी पुरानी लय वापस आ गई।
हालांकि फाइनल में सिराज के खाते में सिर्फ एक विकेट आया, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज का मानना है कि इस तरह के मैच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए उन्हें तैयार करने में मदद करेंगे।



